अगर आप लैपटॉप या फिर स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं और इंटरनेट ब्राउजिंग करते हैं तो आपके लिए काम की खबर है। जब भी हम इंटरनेट इस्तेमाल करने के दौरान कोई वेबसाइट ओपन करते हैं तो आपने गौर किया होगा कि स्क्रीन पर Cookie पॉप-अप आता है। इस पॉप-अप में ज्यादातर इसे एक्सेप्ट करने या फिर रिजेक्ट करने का ऑप्शन होता है। अधिकांश लोग इसे जल्दबाजी में एक्सेप्ट कर लेते हैं। क्या आपको मालूम है कि ऐसा करना चाहिए या नहीं? आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।
आपको हर तरह की कुकीज पॉपअप को एक्सेप्ट करने की जरूरत नहीं है।(फोटो क्रेडिट-iSTock)
सबसे पहले आपको बता दें कि आखिर ये कुकी पॉप अप क्या है और इसका काम क्या होता है? दरअसल यह किसी वेबसाइट के खुलने पर एक छोटा सा बैनर होता है जो कि आपकी स्क्रीन पर दिखता है। यह पॉप-अप यूजर्स को यह बताता है कि वेबसाइट आपकी ब्राउजिंग गतिविधि और प्रॉयॉरिटी को याद रखने के लिए कुकी यानी छोटी टेक्स्ट फाइलों का उपयोग कर रही है।
बता दें कि Cookies को एक्सेप्ट करने से वेबसाइट को डेटा कलेक्ट करने की परमिशन मिल जाती है। आप जैसे ही कुकी को एक्सेप्ट करते हैं तो इसके बाद वेबसाइट आपके डेटा को स्टोर कर सकती है। इसलिए अगर आप प्राइवेसी को लेकर चिंचत रहते हैं तो आपको थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है।
यूजर्स की जानकारी को स्टोर करती है ये फाइल्स
Cookies छोटी-छोटी डेटा फाइलें होती हैं, जिनका इस्तेमाल वेबसाइट आपकी जानकारी और पसंद को याद रखने के लिए करती है। इनके जरिए वेबसाइट लॉगिन स्थिति, सेटिंग्स और यूजर प्रेफरेंस सेव रखती है। कुछ Cookies जरूरी होती हैं, जिन्हें Essential Cookies कहा जाता है। ये वेबसाइट को सही तरीके से चलाने में मदद करती हैं।
Functional Cookies यूजर की भाषा और क्षेत्र जैसी पसंद को याद रखती हैं। Analytical Cookies यह जानकारी इकट्ठा करती हैं कि यूजर वेबसाइट का इस्तेमाल कैसे कर रहा है, ताकि अनुभव बेहतर बनाया जा सके। वहीं Advertising Cookies का उपयोग यूजर की रुचि के अनुसार विज्ञापन दिखाने के लिए किया जाता है।
एक्सेप्ट करें या न करें?
अब सवाल आता है कि क्या Cookies नोटिफिकेशन को एक्सेप्ट करना चाहिए या नहीं तो यह पूरी तरह से आप पर ही निर्भर करता है। आपको बस इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर आप इसे स्वीकार करते हैं तो वेबसाइट आपकी सेटिंग और पसंद को याद रखती है। इसका फायदा यह है कि आपको हर बार वेबसाइट पर जानकारी भरने की जरूरत नहीं होगी। वहीं Cookies को मना करने पर आपकी ऑनलाइन गतिविधियों की ट्रैकिंग कम हो सकती है और प्राइवेसी बेहतर बनी रहती है।
