WhatsApp यूजर्स की जासूसी कर रहा था यह स्पाइवेयर! अब लगा इतने करोड़ का जुर्माना

व्हाट्सएप का आरोप था कि NSO ने अपने जासूसी सॉफ्टवेयर Pegasus का इस्तेमाल कर दुनियाभर में 1,400 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाया, जिनमें पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता, और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल थे। इस हमले में भारत के 100 लोग, मेक्सिको के 456, बहरीन के 82, मोरक्को के 69 और पाकिस्तान के 58 लोग निशाने पर थे।

व्हाट्सएप यूजर्स की जासूसी करने वाले स्पाइवेयर मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। स्पाइवेयर बनाने वाली कंपनी NSO Group को 2019 में किए गए हैकिंग हमले के चलते अब भारी भरकम हर्जाना भरना पड़ेगा। पांच साल तक चले कानूनी संघर्ष के बाद जूरी ने फैसला सुनाया कि NSO Group को 167.25 मिलियन डॉलर (करीब 1,400 करोड़ रुपये) की दंडात्मक क्षतिपूर्ति और 4.44 लाख डॉलर (करीब 3.7 करोड़ रुपये) की मुआवजा क्षतिपूर्ति चुकानी होगी।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 2019 में शुरू हुआ था, जब मेटा के स्वामित्व वाले WhatsApp ने NSO Group के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। व्हाट्सएप का आरोप था कि NSO ने अपने जासूसी सॉफ्टवेयर Pegasus का इस्तेमाल कर दुनियाभर में 1,400 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाया, जिनमें पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता, और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल थे।

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