भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Infinix इंडिया एक मुश्किल दौर से गुजरती नजर आ रही है। Digit की रिपोर्ट के मुताबिक Infinix इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अनिश कपूर ने कंपनी छोड़ दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने जनवरी 2026 में इस्तीफा दिया था और फिलहाल कंपनी के साथ नहीं जुड़े हैं, हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
Infinix India में बड़ा बदलाव! CEO अनिश कपूर ने छोड़ी कंपनी, घटती बिक्री और अंदरूनी तनाव से बढ़ीं मुश्किलें/Photo- Digit
भारतीय और चाइनीज नेतृत्व के बीच बढ़े मतभेद
Digit की रिपोर्ट में कहा गया है कि Infinix इंडिया के नेतृत्व और Transsion Holdings के चाइनीज मैनेजमेंट के बीच लंबे समय से रणनीतिक मतभेद चल रहे थे। सूत्रों के मुताबिक भारत में ब्रांड की बिक्री रणनीति और बाजार में उसकी स्थिति को लेकर अनिश कपूर की सोच कंपनी के वैश्विक नेतृत्व से अलग थी। यही असहमति समय के साथ बढ़ती गई और अंततः उनके कंपनी से अलग होने का कारण बनी।
कर्मचारियों के दूसरी कंपनियों में जाने की खबर
Digit ने Infinix के कुछ कर्मचारियों से बातचीत के आधार पर बताया है कि कंपनी की मार्केटिंग और प्रोडक्ट टीम से जुड़े कई कर्मचारी प्रतिद्वंद्वी ब्रांड्स का रुख कर रहे हैं, हालांकि कंपनी का संचालन अभी भी सामान्य रूप से जारी बताया जा रहा है, लेकिन नेतृत्व में अनिश्चितता का असर ऑर्गेनाइजेशन के भीतर महसूस किया जा रहा है।
स्मार्टफोन लॉन्च में आई सुस्ती
Infinix की प्रोडक्ट रणनीति पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। जनवरी से मई 2026 के बीच कंपनी ने केवल Note Edge और Note 60 Pro जैसे स्मार्टफोन लॉन्च किए, जबकि पिछले साल इसी अवधि कई सारे फोन बाजार में आए थे। लगातार नए स्मार्टफोन लॉन्च करने वाली कंपनी के लिए यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
बाजार हिस्सेदारी में लगातार गिरावट
रिपोर्ट में तमाम मार्केट रिसर्च आंकड़ों के हवाले से कहा गया है कि Infinix की बाजार हिस्सेदारी में लगातार गिरावट देखी गई है। अप्रैल 2025 से अगस्त 2025 के बीच कंपनी की हिस्सेदारी 1.82 से 1.89 प्रतिशत के बीच बनी रही, लेकिन सितंबर 2025 में यह घटकर 1.38 प्रतिशत रह गई। दिसंबर 2025 में कुछ सुधार देखने को मिला, लेकिन 2026 की शुरुआत से कंपनी फिर गिरावट के दौर में पहुंच गई और मई 2026 तक इसकी हिस्सेदारी 1.63 प्रतिशत रह गई।
18 महीनों में शिपमेंट में भारी कमी
Digit से बातचीत में टेक एनालिस्ट योगेश बरार ने कहा कि Infinix के लिए पिछले 18 महीने काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। उनके अनुसार, कंपनी ने पिछले साल लगभग 29 लाख स्मार्टफोन की शिपमेंट की थी, जबकि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच यह आंकड़ा घटकर केवल 5 लाख यूनिट तक पहुंच गया। उन्होंने यह भी बताया कि Transsion ग्रुप के तीनों ब्रांड Infinix, Tecno और itel की संयुक्त शिपमेंट में सालाना आधार पर करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा का दबाव
योगेश बरार के अनुसार, DRAM और NAND जैसे प्रमुख कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों ने कम कीमत वाले स्मार्टफोन ब्रांड्स पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इसके अलावा एंट्री-लेवल 5G स्मार्टफोन सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, कमजोर मांग और सीमित चैनल सपोर्ट ने भी Infinix की चुनौतियों को बढ़ाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि Transsion की मल्टी-ब्रांड रणनीति, जिसमें Tecno, Infinix और itel अलग-अलग ग्राहक वर्गों को टारगेट करते हैं, व्यवहारिक स्तर पर कई बार आपसी प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा कर देती है। भारत जैसे बाजार में यह चुनौती और अधिक बढ़ जाती है।
वैश्विक स्तर पर भी चुनौतियों से जूझ रहा है Transsion
रिपोर्ट में TechInsights और IDC के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि Transsion ग्रुप को वैश्विक स्तर पर भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। 2025 की पहली तिमाही में समूह की संयुक्त स्मार्टफोन शिपमेंट में 22 प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्ज की गई थी। बढ़ती लागत, रूस जैसे बाजारों में कठिन कारोबारी माहौल और Samsung समेत अन्य चीनी ब्रांड्स से प्रतिस्पर्धा इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।
हालांकि अफ्रीका के कई बाजारों में कंपनी अभी भी मजबूत प्रदर्शन कर रही है और वहां उसकी बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन भारत का बाजार अलग है, जहां सफलता के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप रणनीति, लगातार प्रोडक्ट लॉन्च और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता होती है।
