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AI में भारत का मास्टरस्ट्रोक! 14 कंपनियों से मिली ताकत, 34,381 GPU ऑनबोर्ड

इंडियाएआई मिशन में अब तक 14 सूचीबद्ध सर्विस प्रोवाइडर्स से 34,381 जीपीयू प्राप्त हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार इन जीपीयू को रियायती दरों पर उपलब्ध कराती है। इन जीपीयू की औसत दर लगभग 65 रुपए प्रति जीपीयू प्रति घंटा है। सरकार द्वारा जीपीयू उपयोग के लिए निर्धारित की गई कीमतें हाइपर-स्केलर क्लाउड प्रोवाइडर्स की तुलना में काफी कम है।

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फोटो-istock

IndiaAI Mission: इंडियाएआई मिशन में अब तक 14 सूचीबद्ध सर्विस प्रोवाइडर्स से 34,381 जीपीयू प्राप्त हो चुके हैं। इससे देश को ग्लोबल स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में लीडर बनने में मदद मिलेगी। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि सरकार इन जीपीयू को रियायती दरों पर उपलब्ध कराती है। इन जीपीयू की औसत दर लगभग 65 रुपए प्रति जीपीयू प्रति घंटा है। एच100 जीपीयू की कीमत 92 रुपए प्रति जीपीयू प्रति घंटा है, इसका उपयोग बड़े स्तर पर फाउंडेशनल मॉडल ट्रेनिंग में किया जाता है। सरकार द्वारा जीपीयू उपयोग के लिए निर्धारित की गई कीमतें हाइपर-स्केलर क्लाउड प्रोवाइडर्स की तुलना में काफी कम है।

भारत में एक मजबूत आईटी इकोसिस्टम है। यह 250 अरब डॉलर से अधिक का वार्षिक राजस्व उत्पन्न करता है और 60 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है। स्टैनफोर्ड एआई रैंकिंग जैसी वैश्विक रैंकिंग, भारत को एआई कौशल, क्षमताओं और एआई उपयोग नीतियों के मामले में शीर्ष देशों में स्थान देती है। भारत अपनी वाइब्रेंट डेवलपर कम्युनिटी को प्रदर्शित करते हुए, गिटहबएआई परियोजनाओं में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता भी है।

सरकार ने मार्च 2024 में इंडिया एआई मिशन शुरू किया था। यह भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप एक मजबूत और समावेशी एआई इकोसिस्टम स्थापित करने की एक रणनीतिक पहल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'इंडियाएआई एप्लीकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव' का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शासन और सीखने की अक्षमताओं के लिए सहायक तकनीकों जैसे क्षेत्रों में भारत की विशिष्ट चुनौतियों के लिए आई एप्लीकेशन विकसित करना है। अब तक 30 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं।

इसके अलावा, अन्य मंत्रालयों और सरकारी संस्थानों के साथ साझेदारी में क्षेत्र-विशिष्ट हैकथॉन का आयोजन किया गया है। सरकार ने बताया, 'एआईकोष' एक एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म है जो सरकारी और गैर-सरकारी स्रोतों से डेटासेट को एकीकृत करता है। मार्च 2025 में लॉन्च किए गए बीटा संस्करण में वर्तमान में 890 से अधिक डेटासेट, 208 एआई मॉडल और 13 से अधिक विकास टूलकिट शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "ये संसाधन डेवलपर्स के लिए आधारशिला का काम करते हैं, जिससे उन्हें मॉड्यूल दोबारा बनाने के बजाय मुख्य एआई कार्यक्षमता पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।" 'इंडियाएआई फाउंडेशन मॉडल्स' पहल का उद्देश्य भारतीय डेटासेट और भाषाओं पर प्रशिक्षित भारत के अपने लार्ज मल्टीमॉडल मॉडल (एलएमएम) विकसित करना है। इंडियाएआई मिशन को 500 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए। पहले चरण में, 4 स्टार्ट-अप का चयन किया गया है। इनमें सर्वम एआई, सोकेट एआई, ज्ञानी एआई और गण एआई शामिल हैं।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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