Meta के Muse Image टूल पर बढ़ा प्राइवेसी विवाद, अब सरकार करेगी जांच

मेटा का नया Muse Image फीचर प्राइवेसी को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। अब सरकार की ओर से जांचा जाएगा कि मेटा का यह नया फीचर मौजूदा कानूनी और डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क के अनुरूप है या नहीं।

मेटा की ओर से यूजर्स के लिए हाल ही में लाया गया Muse Image फीचर प्राइवेसी को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। इस फीचर को लेकर कहा जा रहा है कि अगर यूजर का अकाउंट पब्लिक है तो उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल AI इमेज बनाने के लिए किया जा सकता है। यही वजह है कि भारत सरकार का ध्यान भी इस ओर गया है और सरकार ने इस फीचर की जांच करने की बात कही है। सरकार की ओर से जांचा जाएगा कि मेटा का यह नया फीचर मौजूदा कानूनी और डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क के अनुरूप है या नहीं।

Muse Image

Meta के Muse Image टूल पर बढ़ा प्राइवेसी विवाद (AI Generated Image)

क्या है Meta का नया Muse Image फीचर?

Muse Image मेटा की ओर से पेश एक एआई इमेज जेनरेशन मॉडल है। कंपनी का कहना है कि इस एआई इमेज जेनरेशन मॉडल को मेटा एआई में उपलब्ध करवाया गया है। यह मॉडल कई तस्वीरों को मिलाकर एक हाई क्ववालिटी वाली नई एआई इमेज तैयार कर सकता है। इन इमेज को यूजर्स डाउनलोड कर सकते हैं और सीधे सीधे चैट, स्टोरी या सोशल मीडिया फीड पर शेयर भी कर सकते हैं। यह फीचर Meta AI ऐप के साथ-साथ Instagram और कुछ देशों में WhatsApp पर भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसकी मदद से यूजर सामान्य भाषा में निर्देश देकर AI से नई तस्वीरें तैयार कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इस फीचर की मदद से फोटो एडिट की जा सकती हैं, किसी व्यक्ति को किसी दूसरी लोकेशन पर दिखाया जा सकता है, पुराने फोटो को नया रूप दिया जा सकता है और दूसरी क्रिएटिव इमेज भी बनाई जा सकती हैं।

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