EU Fined Meta Over Data Transfer : फेसबुक (Facebook) की ओनर मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (Meta Platforms Inc) पर यूरोपीय संघ (European Union) या ईयू (EU) ने 1.3 अरब डॉलर (10768 करोड़ रु) का जुर्माना लगाया है। मेटा पर ये जुर्माना ईयू प्राइवेसी रेगुलेटर्स ने अमेरिका में यूजर्स की डिटेल भेजने के लिए लगाया है। इतना भारी जुर्माना एक रिकॉर्ड है। इससे पहले भारी जुर्माने का रिकॉर्ड अमजेन पर था। उस पर 82.12 करोड़ डॉलर या 6803 करोड़ रु का जुर्माना लगा था।
ईयू ने डेटा ट्रांसफर के कारण मेटा पर जुर्माना लगाया
क्या है ईयू रेगुलेटर्स का डर
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार ईयू रेगुलेटर्स को आयरलैंड के डेटा प्रोटेक्शन कमीशनर हेलेन डिक्सन (Helen Dixon) लीड कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में यूरोपीय यूजर्स के डेटा को ट्रांसफर करने के लिए यूज किए जाने वाले लीगल टूल पर प्रतिबंध लगाने को अंतिम रूप दिया जा रहा है, क्योंकि उन्हें चिंता है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस इंफॉर्मेशन तक हासिल कर सकती हैं।
पिछले महीने हुई थी कोशिश
अप्रैल में ईयू रेगुलेटर्स ने कहा ता कि आयरिश डीपीसी के पास फेसबुक के ट्रान्साटलांटिक डेटा फ्लो को ब्लॉक करने का आदेश देने के लिए एक महीने का समय था। कहा गया था कि मई के मध्य तक इस पर प्रतिबंध लग सकता है।
2020 में आया था बड़ा फैसला
यूरोप की सर्वोच्च अदालत ने 2020 में फैसला सुनाया था कि ईयू-यूएस डेटा ट्रांसफर समझौता अमान्य है। कोर्ट ने तब सर्विलांस चिंताओं का हवाला दिया था। इसके बाद मेटा ने पिछले साल चेतावनी दी थी कि अगर यूरोप से अमेरिका में डेटा ट्रांसफर करने के लिए उपयोग किए जाने वाले टूल पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो इसे यूरोप में फेसबुक सर्विसेज निलंबित करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
अब मेटा क्या करेगी
मेटा ने इस फैसले को "त्रुटिपूर्ण" और "अनुचित" बताया है और कहा है कि ये इसके खिलाफ अपील करेगी। कंपनी ने "तत्काल" बैन लगाने के आदेशों के निलंबन की मांग करने का भी वादा किया। मेटा ने कहा है कि ये उन लाखों लोगों को नुकसान पहुंचाएगा जो हर दिन फेसबुक का उपयोग करते हैं।
