Billionaire Battle On Satellite Spectrum: सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर सरकार का फैसला एलन मस्क को राहत देने वाला है। सरकार ने कहा कि वह सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिए नहीं बल्कि प्रशासनिक तौर पर करेगी। इस फैसले पर एलन मस्क ने खुशी भी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि हम स्टारलिंक के साथ भारत के लोगों की सेवा करने की पूरी कोशिश करेंगे।
Tesla CEO Elon Musk (File Photo)
रिलायंस बनाम स्टारलिंक हुआ मामला
रिपोर्ट में कहा गया है कि मस्क ने प्रतिद्वंद्वी अरबपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के स्पेक्ट्रम नीलामी के प्रयास का कड़ा विरोध किया था और इसे "अभूतपूर्व" बताया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिए नहीं बल्कि प्रशासनिक तौर पर करने का फैसला किया है। भारत सरकार की यह घोषणा मस्क द्वारा नीलामी मार्ग की आलोचना करने के कुछ घंटों बाद आई है।
परामर्श प्रक्रिया में सभी के विचारों पर गौर किया जाएगा
सैटकॉम स्पेक्ट्रम आवंटन के तौर-तरीकों को लेकर खींचतान के बीच ट्राई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने बुधवार को कहा कि परामर्श प्रक्रिया अभी जारी है और दूरसंचार नियामक सिफारिशें प्रस्तुत करने से पहले सभी सुझावों पर गौर करेगा। नियामक की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब स्टारलिंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क और भारतीय दिग्गजों के बीच सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को लेकर गतिरोध जारी है।
IMC में बोले ट्राई चेयरमैन
ट्राई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के अवसर पर कहा, ‘‘ हमें दूरसंचार विभाग से संदर्भ मिला है। हमने दूरसंचार विभाग से प्राप्त संदर्भ के प्रत्युत्तर में परामर्श प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसमें उन मुद्दों को शामिल किया गया है जिन्हें दूरसंचार विभाग द्वारा ट्राई को भेजा गया है... परामर्श प्रक्रिया जारी है हम परामर्श प्रक्रिया के दौरान प्राप्त सभी विचारों पर गौर करेंगे और अपनी सुविचारित सिफारिशें प्रस्तुत करेंगे।’’
जियो की मांग पर भी दिया जवाब
रिलायंस जियो की स्थलीय तथा सैटेलाइट कंपनियों के बीच समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए ट्राई परामर्श पत्र को संशोधित करने की मांग पर ट्राई के चेयरमैन ने कहा, ‘‘ विभिन्न हितधारक परामर्श प्रक्रिया पर अलग-अलग मांग उठाते हैं। हम इन सभी दृष्टिकोणों तथा विचारों पर गौर करते हैं और एक सुविचारित दृष्टिकोण अपनाते हैं।’’ बता दें कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने उपग्रह-आधारित संचार में इस्तेमाल होने वाले स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिये किए जाने की भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी और सुनील भारती मित्तल की मांग को 'अभूतपूर्व' बताते हुए निशाना साधा है।
सैटेलाइट इंटरनेट और भारत
अरबपतियों के बीच लड़ाई के रूप में देखे जा रहे इस विवाद में भारत में सैटेलाइट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करने की पद्धति पिछले वर्ष से ही विवादास्पद मुद्दा रही है। भारत में सैटेलाइट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम बाजार की वृद्धि दर 36% प्रति वर्ष होगी तथा यह 2030 तक 1.9 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।
मस्क की स्टारलिंक का तर्क है कि लाइसेंस का प्रशासनिक आवंटन वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप है, जबकि अरबपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली भारत की रिलायंस का कहना है कि समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए नीलामी की आवश्यकता है और भारतीय कानून में इस बारे में कोई प्रावधान नहीं है कि व्यक्तियों को सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाएं कैसे प्रदान की जा सकती हैं।
