डेटा एनालिटिक्स और एआई सॉफ्टवेयर कंपनी Palantir टेक्नोलॉजी के सीईओ एलेक्स कार्प (Alex Karp) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अधिक इस्तेमाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ ज्यादा AI इस्तेमाल करने से ज्यादा मूल्य या उत्पादकता नहीं मिलती। एक लाइव इंटरव्यू के दौरान उन्होंने AI के अंधाधुंध इस्तेमाल की तुलना अश्लील वीडियो की लत से करते हुए कहा कि कई लोग पूरे दिन AI टूल्स का इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन उससे वास्तविक लाभ नहीं मिलता।
अश्लील वीडियो से कम नहीं है AI की लत, Palantir CEO बोले: हर समस्या का हल AI नहीं
AI उपयोग को लेकर बदल रही है सोच
पिछले कुछ वर्षों में AI के बढ़ते इस्तेमाल को सकारात्मक संकेत माना जाता था। कंपनियां यह मानती थीं कि जितने अधिक प्रॉम्प्ट, टोकन और AI इंटरैक्शन होंगे, उतना ही कर्मचारी नई तकनीक को अपना रहे हैं, लेकिन अब इस सोच पर सवाल उठने लगे हैं।
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टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में "टोकनमैक्सिंग" नामक एक ट्रेंड सामने आया है, जिसमें कर्मचारियों को अधिक से अधिक AI टोकन इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, हालांकि कई कंपनियों ने पाया है कि AI पर खर्च तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन उत्पादकता में उसी अनुपात में सुधार नहीं हो रहा।
बढ़ता AI खर्च, लेकिन नहीं दिख रहा अपेक्षित फायदा
Uber के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने हाल ही में कहा था कि कंपनी को AI पर बढ़ते खर्च और उससे मिलने वाले वास्तविक लाभ के बीच स्पष्ट संबंध दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं Amazon ने कथित तौर पर अपना आंतरिक AI लीडरबोर्ड हटा दिया, क्योंकि कुछ कर्मचारी AI उपयोग के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने लगे थे।
"ज्यादा टोकन मतलब ज्यादा बेकार आउटपुट"
Palantir के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी श्याम शंकर ने भी हाल ही में इसी मुद्दे पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि सस्ती AI सेवाएं या अधिक टोकन खपत अपने आप में मूल्य नहीं पैदा करतीं। उन्होंने कहा, "ज्यादा टोकन का मतलब ज्यादा अव्यवस्थित और कम उपयोगी आउटपुट भी हो सकता है।" उनके अनुसार, AI का असली लाभ तभी मिलता है जब उसे वास्तविक कारोबारी प्रक्रियाओं और निर्णय लेने की प्रणाली से जोड़ा जाए।
किन क्षेत्रों में उपयोगी है AI?
एलेक्स कार्प ने स्वीकार किया कि AI कई कार्यों को बेहद प्रभावी ढंग से कर सकता है। उदाहरण के तौर पर किसी देश की आर्थिक वृद्धि या सामान्य विषयों पर रिपोर्ट तैयार करना AI के लिए आसान है, हालांकि उनका मानना है कि सप्लाई चेन प्रबंधन, औद्योगिक संचालन, सैन्य लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और तेल-गैस उद्योग जैसे जटिल क्षेत्रों में केवल चैटबॉट आधारित जवाब पर्याप्त नहीं होते। इन क्षेत्रों में लगातार निर्णय लेने और सटीक प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है।
AI इंसानों की मदद कर सकता है, उनकी जगह नहीं ले सकता
कार्प के अनुसार बड़े भाषा मॉडल (LLMs) इन जटिल कार्यों में इंसानों की क्षमता बढ़ा सकते हैं, लेकिन वे पूरी प्रक्रिया का विकल्प नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि AI व्यवसायिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में सहायक है, लेकिन उन्हें पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर सकता।
