भारत में ब्लूटूथ के जरिए मैसेज भेजने वाले BitChat ऐप को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय के आदेश के बाद Apple ने इसे भारत के App Store से हटाया। इसके बाद सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि यह ऐप कानून-व्यवस्था के लिहाज से चिंता का विषय बन गया था और इसे हटाना जरूरी था। BitChat को Google Play Store से भी हटा दिया गया है।
सरकार ने क्यों लिया एक्शन?
सरकार ने क्यों लिया एक्शन?
PTI/भाषा के मुताबिक, केंद्र सरकार की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। BitChat को लेकर चिंता इसलिए थी क्योंकि इसमें कोई भी व्यक्ति Bluetooth चालू करके कई चरणों के जरिए दूसरे लोगों तक संदेश पहुंचा सकता था। इस वजह से इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के बिना भी संदेश काफी दूर तक पहुंचने की संभावना रहती है।
इंटरनेट के बिना कैसे काम करता है BitChat?
BitChat सामान्य मैसेजिंग ऐप से थोड़ा अलग तरीके से काम करता है। इसमें संदेश भेजने के लिए इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क जरूरी नहीं होता। ऐप आसपास मौजूद डिवाइस से Bluetooth के जरिए कनेक्ट होता है और संदेश को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक आगे भेज सकता है। इस तरह कई डिवाइस के जरिए संदेश अपेक्षाकृत दूर तक पहुंच सकता है।
जैक डोर्सी ने क्या कहा था?
BitChat के डेवलपर और Twitter के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया था कि भारत सरकार के अनुरोध के बाद Apple ने BitChat को भारतीय App Store से हटा दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ Apple की ऐप रिव्यू टीम की ओर से मिले नोटिस का स्क्रीनशॉट भी साझा किया था।
Google Play Store से भी हटा ऐप
भारत में BitChat की उपलब्धता पर असर सिर्फ Apple के App Store तक सीमित नहीं रहा। ऐप को Google Play Store से भी हटा दिया गया है। यानी फिलहाल भारत में दोनों प्रमुख मोबाइल ऐप स्टोर पर यूजर्स के लिए BitChat उपलब्ध नहीं है।
जुलाई में भी सरकार की नजर में आया था ऐप
BitChat इस साल जुलाई में भी सरकारी कार्रवाई के दायरे में आया था। उस समय कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में बड़े प्रदर्शन किए गए थे। इसी दौरान गृह मंत्रालय से जुड़े साइबर अपराध प्रकोष्ठ भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने Microsoft की अनुषंगी कंपनी GitHub को BitChat हटाने का निर्देश दिया था।
अब फिर चर्चा में क्यों आया BitChat?
फिलहाल CJP मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग के कामकाज के विरोध में देशव्यापी आंदोलन कर रही है। पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है। इसी बीच BitChat पर सरकार की कार्रवाई ने एक बार फिर इस ब्लूटूथ आधारित मैसेजिंग ऐप को चर्चा में ला दिया है।
बिना इंटरनेट मैसेजिंग बनी सरकार की चिंता
BitChat की खासियत ही इस पूरे मामले का अहम हिस्सा है। इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के बिना आसपास के डिवाइस के जरिए संदेश पहुंचाने की सुविधा इसे दूसरे सामान्य मैसेजिंग ऐप से अलग बनाती है। सरकार का तर्क है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। इसी आधार पर केंद्र के अनुरोध के बाद भारत में ऐप की उपलब्धता पर रोक लगाई गई है।
