नई दिल्ली। भारतीय मुक्केबाजी के दिग्गज विजेंदर सिंह को एशियाई मुक्केबाजी परिषद में सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है, जो एक शीर्ष खिलाड़ी से वैश्विक खेल प्रशासक बनने के उनके सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विजेंदर सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी। फाइल फोटो
विजेंदर भारत के पहले ओलंपिक मुक्केबाज हैं, जिनके पास एमेच्योर और पेशेवर मुक्केबाजी दोनों में खेल के सर्वोच्च स्तर पर खेलने का लगभग दो दशकों का अनुभव है। एशियाई मुक्केबाजी परिषद में उनकी नियुक्ति खेल की उनकी गहरी समझ और पूरे महाद्वीप में इसके विकास के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ को दिया धन्यवाद
इस संदर्भ में विजेंदर ने कहा, 'एशियाई मुक्केबाजी परिषद के सदस्य के रूप में नियुक्त होने पर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। इस जिम्मेदारी को मुझे सौंपने के लिए मैं भारतीय मुक्केबाजी महासंघ और उसके नेतृत्व का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।'
मुक्केबाजी के विकास लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पूरी क्षमता से इस भूमिका को निभाऊंगा। जिस तरह हमने बीजिंग में इतिहास रचा, उसी तरह मैं एशिया में मुक्केबाजी के विकास के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैं विशेषकर भारतीय मुक्केबाजों पर ध्यान देने और भविष्य में हमारे खिलाड़ियों को और अधिक सफलता हासिल करने में मदद करने के लिए भी प्रतिबद्ध हूं।'
बहुत फेमस हैं विजेंदर
एशियाई मुक्केबाजी परिषद पूरे क्षेत्र में खेल के प्रतिस्पर्धी और विकास ढांचे को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विजेंदर भारत की सबसे प्रसिद्ध खेल हस्तियों में से एक हैं। उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में ऐतिहासिक कांस्य पदक तथा राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में कई पदक जीते हैं। उन्होंने बाद में पेशेवर मुक्केबाजी में भी अच्छी सफलता हासिल की।
(भाषा)
