नई दिल्ली: भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) ने गुरुवार को खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय महासंघ की मान्यता निलंबित किए जाने के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के ओलंपिक चार्टर के तहत उसकी स्वायत्तता का सम्मान किया जाना चाहिए और उसके कामकाज में किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।टीटीएफआई ने मंत्रालय से 12 अगस्त के आदेश को फिलहाल स्थगित करने और पूरे मामले पर नए सिरे से विचार करने का अनुरोध भी किया।
टेबल टेनिस फेडेरेशन ऑफ इंडिया (फोटो AI Generated)
खेल मंत्रालय ने निलंबित की थी टीटीएफआई की मान्यता
खेल मंत्रालय ने बुधवार को प्रशासनिक खामियों का हवाला देते हुए टीटीएफआई की मान्यता निलंबित कर दी थी और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को खेल का संचालन करने के लिए एक तदर्थ समिति गठित करने का निर्देश दिया था। मंत्रालय ने कहा था कि समय पर चुनाव नहीं कराने सहित अन्य कारणों से पहले जारी कारण बताओ नोटिस का टीटीएफआई ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
किया जाए अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था के संभावित प्रभावों पर विचार
टीटीएफआई की अध्यक्ष मेघना अहलावत की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'टीटीएफआई विनम्रतापूर्वक मंत्रालय से अनुरोध करता है कि किसी भी बाहरी या अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था के संभावित प्रभावों पर विचार किया जाए। ओलंपिक चार्टर के नियम 27 और 28 के तहत राष्ट्रीय खेल महासंघों की स्वायत्तता को मान्यता और संरक्षण प्राप्त है।' बयान में कहा गया, 'ओलंपिक चार्टर और अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (आईटीटीएफ) के नियम राष्ट्रीय खेल महासंघों की स्वायत्तता को स्पष्ट रूप से मान्यता और संरक्षण देते हैं तथा यह सुनिश्चित करते हैं कि उनका संचालन और प्रशासन किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से मुक्त रहे।'
महासंघ ने कहा कि वह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत विधिवत पंजीकृत संस्था है और इसका संचालन उसके संविधान तथा खेल प्रशासन की स्वायत्तता के सिद्धांतों के अनुसार होता है। बयान में कहा गया, 'टीटीएफआई एक स्वायत्त संस्था है जिसका पंजीकरण सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत हुआ है। इसका संचालन इसके संविधान और महासभा द्वारा किया जाता है। महासंघ खेल मंत्रालय का पूरा सम्मान करता है और उसकी भूमिका को स्वीकार करता है।'
नियमों के अनुरूप हो महासंघों का प्रशासन
साथ ही महासंघ ने दोहराया कि स्वायत्त राष्ट्रीय खेल महासंघों का प्रशासन उनके संविधान और सुशासन के सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए। गौरतलब है कि दिसंबर 2022 में टीटीएफआई की अध्यक्ष बनीं मेघना अहलावत हरियाणा के विधायक दुष्यंत चौटाला की पत्नी हैं। दुष्यंत चौटाला टीटीएफआई के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला के पुत्र हैं। महासंघ पिछले कई महीनों से विवादों में घिरा हुआ है। जनवरी में टीटीएफआई ने अपने महासचिव और पूर्व खिलाड़ी कमलेश मेहता को कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया था। मेहता ने इस फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी जहां अदालत ने उनका निलंबन रद्द कर दिया।
पहले ही कर दिया गया था खेल मंत्रालय के मुद्दों का समाधान
टीटीएफआई ने अपने बयान में दावा किया कि मंत्रालय द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का समाधान 30 जून 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस से पहले ही कर दिया गया था।
महासंघ ने कहा कि सात जुलाई 2026 को मंत्रालय को भेजे गए विस्तृत जवाब में बैठकों की कार्रवाई, प्रस्तावों और ऑडिट रिकॉर्ड सहित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे।
बयान के अनुसार, 'आदेश में जिन कमियों का उल्लेख किया गया है, वे या तो तथ्यात्मक रूप से गलत हैं या फिर कारण बताओ नोटिस जारी होने से पहले ही उनका समाधान किया जा चुका था।'
खिलाड़ी के प्रदर्शन ने बताया किस तरह महासंघ कर रहा है काम
टीटीएफआई ने यह भी कहा कि भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों का हालिया प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि महासंघ लगातार खिलाड़ियों के हित में प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। महासंघ के अनुसार, वर्तमान में पांच भारतीय महिला और तीन भारतीय पुरुष खिलाड़ी आईटीटीएफ विश्व रैंकिंग के शीर्ष 100 (और शीर्ष 50) में शामिल हैं। इसके अलावा भारत ने 2022 एशियाई खेलों और 2026 एशियाई युवा चैंपियनशिप में भी पदक जीते हैं तथा जूनियर खिलाड़ियों की मजबूत प्रतिभा श्रृंखला तैयार हुई है। टीटीएफआई ने कहा कि वह मंत्रालय के साथ लगातार सकारात्मक संवाद बनाए हुए है और यदि कोई चिंता सामने आती है तो उसका समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अंत में महासंघ ने दोहराया कि वह राष्ट्रीय खेल विकास संहिता 2011 और राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के तहत सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा मंत्रालय के मार्गदर्शन में सहयोग की भावना से कार्य करता रहेगा।
