स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने रविवार को जापान ओपन में शानदार अटैकिंग बैडमिंटन खेलते हुए स्थानीय खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराकर इतिहास रच दिया। वह जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बनीं। साथ ही यह पीवी सिंधु का अपना पहला सुपर 750 खिताब भी रहा। फाइनल मुकाबला 50 मिनट तक चला।
पीवी सिंधु ने रचा इतिहास।
जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी सिंधु ने लगातार अटैक करने के साथ-साथ सही रणनीति और संयम का इस्तेमाल करते हुए तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने दो साल से ज्यादा समय बाद अपना पहला खिताब हासिल किया। सिंधु ने अपना पिछला खिताब 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीता था। जापान ओपन की यह जीत 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी जीत है।
सिंधु और यामागुची का हेड टू हेड
सिंधु और अकाने यामागुची के बीच 30वीं भिड़ंत रही। इस दौरान सिंधु ने 16 और यामागुची ने 14 मुकाबले जीते। इस साल मलेशिया में दोनों की पिछली टक्कर अधूरी रह गई थी, क्योंकि पहला गेम हारने के बाद अकाने यामागुची चोट के कारण मैच से हट गई थीं। हालांकि, उससे पहले खेले गए 10 मुकाबलों में से 7 में जापानी खिलाड़ी ने जीत हासिल की थी।
सेमीफाइनल में चीनी खिलाड़ी को दी थी मात
जापान ओपन के फाइनल में मिली यह जीत पीवी सिंधु के लिए सिर्फ खिताब ही नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी को करारा जवाब देना भी रहा। इससे पहले पीवी सिंधु ने सेमीफाइनल में ओलंपिक चैम्पियन चेन युफेई को 21-19, 15-10 से पराजित किया था। चीनी खिलाड़ी युफेई हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण यह मुकाबला पूरा नहीं कर पाई थी। सिंधु पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में नजर आईं और फाइनल में भी उसी आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए खिताब अपने नाम किया।
एक नये अध्याय की शुरुआत
पीवी सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। इससे पहले इस टूर्नामेंट के किसी भी वर्ग में भारतीय खिलाड़ी ने खिताब नहीं जीता था। सिंधु ने ना सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि भारतीय बैडमिंटन के लिए एक नया अध्याय भी लिख दिया है। इससे प्रेरणा लेकर खिलाड़ी अब दमदारी के साथ अपनी चुनौती पेश करेंगे।
