इस्लामाबाद: पाकिस्तान के लिए ओलंपिक इतिहास का पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले स्टार खिलाड़ी अरशद नदीम को पाकिस्तान में करोड़ों रुपये की ईनामी राशि दिए जाने का ऐलान हुआ है। अबतक दो राज्य सरकारों सहित कई जगहों से उन्हें तकरीबन 20 करोड़ रुपये की नकद इनामी राशि दिए जाने की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में सोशल मीडिया में सवाल उठ रहे हैं कि नदीम को मिलने वाली आधी ईनामी राशि का बड़ा हिस्सा टैक्स में चली जाएगी। ऐसे में पाकिस्तान के फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) ने ऐलान किया है कि नदीम को मिलने वाली ईनामी राशि पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
अरशद नदीम
नदीम ने बढ़ाया है देश का मान
शनिवार को अपने एक बयान में एफबीआर ने साफ किया है कि नदीम के गोल्ड मेडल ने देश का सम्मान बढ़ाया है। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें मिलने वाली प्राइजमनी टैक्स के दायरे में नहीं आएगी।अरशद नदीम हमारे नेशनल हीरो हैं उन्होंने दुनिया में पाकिस्तान की छवि बेहतर की है। सारा देश 40 साल बाद ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने से उत्साहित है।
नहीं लगेगा ईनामी राशि पर कोई टैक्स
एफबीआर ने उस बात पर बल देते हुए कहा, नदीम को मिलने वाली इनामी राशि पर कोई टैक्स नहीं लगेगा इसके लिए पाकिस्तान सरकार और एफबीआर सितंबर में उनके रिटर्न फाइल करने से पहले ही बतौर पुरस्कार हुई आय को टैक्स से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में एफबीआर ने कहा कि हमारे इस स्पष्टिकरण से सभी अफवाहों पर विराम लग जाएगा।
देना पड़ता कितना टैक्स?
अगर एफबीआर नदीम को मिल रहे इनाम पर टैक्स लगाता तो उन्हें 15 से 30 प्रतिशत राशि टैक्स के रूप में देनी पड़ती। अंदाजा है कि उन्हें विभिन्न मदों से तकरीबन 20 करोड़ रुपये बतौर इनाम मिलेंगे। ऐसे में अगर वो टैक्स भरते हैं तो कुल राशि का 15 प्रतिशत यानी 3 करोड़ रुपये बतौर टैक्स देना होगा अगर वो टैक्स नहीं भरते हैं तो उन्हें 6 करोड़ रुपये बतौर टैक्स के रूप में सरकारी खाते में जमा कराने होंगे।
