पाकिस्तान में ओलंपिक गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी की भी इज्जत नहीं! अपने देश के रवैये से दुखी हैं अरशद नदीम

Arshad Nadeem: कॉमनवेल्थ गेम्स के नतीजे के बाद अरशद को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें निशाने पर ले लिया। इससे आहत होकर अरशद ने कहा कि वह बहाने नहीं बना रहे, लेकिन ग्लास्गो की कड़ाके की ठंड उनकी सबसे बड़ी दुश्मन बनी।

Arshad Nadeem: ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पाकिस्तान को अपने चैंपियन अरशद नदीम से बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन जब भाला फेंक के फाइनल में नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं आया तो सोशल मीडिया पर जो हुआ, उसने खुद नदीम को झकझोर कर रख दिया। पेरिस ओलंपिक 2024 में 92.97 मीटर का ओलंपिक रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड जीतने वाले अरशद नदीम ग्लास्गो में 77.41 मीटर ही फेंक सके और 9वें नंबर पर खिसक गए। बर्मिंघम 2022 में उन्होंने 90.18 मीटर के साथ कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड जीता था। ऐसे में फैंस को फिर से पोडियम की उम्मीद थी, पर ऐसा हो नहीं सका।

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अपने देश के रवैये से दुखी अरशद नदीम (फोटो साभार- @ArshadOlympian1)

अपने देश के रवैये से आहत हैं अरशद नदीम

नतीजे के बाद अरशद को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें निशाने पर ले लिया। इससे आहत होकर अरशद ने कहा कि वह बहाने नहीं बना रहे, लेकिन ग्लास्गो की कड़ाके की ठंड उनकी सबसे बड़ी दुश्मन बनी। उन्होंने बताया कि ठंड की वजह से शरीर अकड़ गया था। मांसपेशियों में जकड़न आ गई थी जिसके कारण वो थ्रो में वो लय और ताकत नहीं ला सके जो जरूरी थी। उनके मुताबिक फाइनल में कई और खिलाड़ी भी ठंड से परेशान दिखे और फाउल थ्रो की संख्या ज्यादा रही।

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