स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के बैडमिंटन स्टार किदांबी श्रीकांत का यूएस ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार सफर रनर-अप के साथ खत्म हुआ। मेंस सिंगल्स के फाइनल में उन्हें चीनी ताइपे के सु ली-यांग से तीन गेम के कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। 2021 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले 33 साल के श्रीकांत ने पहला गेम हारने के बाद वापसी करते हुए मैच को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाया, लेकिन अपने से 9 साल छोटे और दुनिया के नंबर-46 खिलाड़ी से हार गए।
एक घंटे से ज्यादा चले इस कड़े मुकाबले में श्रीकांत को आखिरकार 15-21, 21-16, 9-21 से हार मिली। वे पिछले साल मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 और सैयद मोदी इंटरनेशनल सुपर 300 में भी दूसरे स्थान पर रहे थे। इस सीजन का अपना पहला फाइनल खेल रहे पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी ने शुरुआत तो तेज की, लेकिन एक गलती ने उनकी लय बिगाड़ दी। इसके बाद लगातार कई गलतियों की वजह से सु को 7-2 की बढ़त मिल गई।
वापसी करके भी हारे श्रीकांत
हालांकि, श्रीकांत ने वापसी करते हुए अगले 11 में से आठ पॉइंट जीते और तेज रफ्तार रैलियों के बाद स्कोर 10-10 से बराबर कर लिया। उनके जबरदस्त स्मैश अहम साबित हुए और सु के वाइड स्मैश के बाद मिड-गेम इंटरवल तक वे एक पॉइंट से आगे हो गए। ब्रेक के बाद चीनी ताइपे के शटलर ने फिर से मैच पर पकड़ बना ली। उन्होंने रैलियों की गति बढ़ाई और चालाकी भरे शॉट्स से श्रीकांत को गलतियां करने पर मजबूर किया। जल्द ही उन्होंने अपनी बढ़त 17-12 कर ली।
चीनी ताइपे खिलाड़ी ने बनाई बढ़त
क्रॉस-कोर्ट स्मैश और उसके बाद एक बेहतरीन नेट शॉट की मदद से श्रीकांत ने अंतर को कम करके 14-18 किया, लेकिन एक और गलती ने बढ़त फिर से सु को सौंप दी। सु ने जबरदस्त स्मैश के साथ छह गेम पॉइंट हासिल किए। भारतीय खिलाड़ी ने एक पॉइंट बचाया, लेकिन फिर शटल को बाहर (long) मार दिया, जिससे सु ने 17 मिनट में पहला गेम जीत लिया। एंड बदलने के बाद मुकाबला बराबरी का रहा और कोई भी खिलाड़ी पीछे हटने को तैयार नहीं था। 4-4 के स्कोर के बाद, श्रीकांत ने लगातार तीन पॉइंट जीतकर 7-4 की बढ़त बना ली।
जीता पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब
निर्णायक गेम में सू ने आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने एक तेज स्मैश के साथ शुरुआत की और श्रीकांत पर लगातार दबाव बनाते हुए 4-1 की बढ़त बना ली। अपनी आक्रामकता बनाए रखते हुए और रैलियों में तेजी लाते हुए, सू 7-4 पर पहुंच गए और फिर एक और रॉकेट स्मैश से स्कोर 9-5 हो गया। अंत में, श्रीकांत के एक और शॉट के बाहर जाने के बाद सू ने 12 चैंपियनशिप पॉइंट हासिल कर लिए। भारतीय खिलाड़ी ने एक मौका बचाया, लेकिन इसके बाद सू ने अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीत लिया।
