तेहरान: फीफा विश्व कप 2026 के आगाज में एक सप्ताह का वक्त बचा है। ऐसे में युद्ध के मैदान पर एक दूसरे का सामना कर रहे अमेरिका और ईरान के बीच फुटबॉल के मैदान पर भिड़ंत से पहले एक अलग तरह की राजनीतिक जंग चल रही है। अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की साझा मेजबानी में आयोजित होने जा रहे फीफा विश्व कप में शिरकत के लिए ईरान की टीम के खिलाड़ियों को अमेरिकी वीजा तो मिल गया है लेकिन उसके साथ एक कड़ी शर्त जोड़ दी है।
फीफा विश्व कप ट्रॉफी (FIFA X)
एक दिन में करना होगा एंट्री-एग्जिट
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की टीम और सपोर्ट स्टाफ को अमेरिकी सीमा में घुसने की इजाजत सशर्त मिली है। ईरानी टीम को अमेरिकी सरजमीं पर मैच वाले दिन सुबह एंट्री करने की अनुमति होगी। मैच के समाप्त होने के बाद ईरानी टीम को तत्काल अमेरिका छोड़ना होगा। अमेरिका की इस शर्त ने लॉजिस्टिक स्टाफ के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। मैक्सिको में ईरान के राजदूत अबोल्फजल पसंदिदेह ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, हम अमेरिका उसी दिन सुबह (मैच वाले) दाखिल हो सकते हैं और उसी दिन मैच के बाद अमेरिका छोड़ना होगा। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के अधिकारी ने कहा, विश्व कप में शिरकत करने के लिए ईरान के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए वीजा जारी कर दिए गए हैं।
ऐसा है ईरान का शेड्यूल
ईरान को फीफा विश्व कप 2026 के लिए ग्रुप जी में न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र के साथ के साथ जगह मिली है। ईरान की टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 जून को अपने अभियान की शुरुआत करेगा। ये मुकाबला कैलिफोर्निया के इंग्लेवुड में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मुकाबला 22 जून को बेल्जियम के खिलाफ इंग्लेवुड में खेलेगी। इसके बाद ईरान अपना आखिरी ग्रुप मुकाबला मिस्र के खिलाफ 27 जून को सिएटल में खेलेगा। ईरान के तीनों ही मैच अमेरिकी धरती पर आयोजित होने हैं। ऐसे में वीजा नियम फीफा के लिए भी परेशानी का सबब बन गए हैं।
