नई दिल्ली: भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने रविवार को हाल में संपन्न एशियाई पैरा खेलों में पैरा खिलाड़ियों के रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का 'अटूट जज्बा' देशभर के लाखों लोगों को तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा।
भारत के पैरा खिलाड़ियों ने एशियाई पैरा खेलों में उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया और अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत ने कुल 114 पदक जीते जिनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने जापान में आयोजित इन खेलों के लिए 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था। यह संख्या 2023 में हांगझोउ में हुए खेलों में भेजे गए भारतीय दल की तुलना में लगभग आधी थी। उस समय भारत ने कुल 108 पदक जीते थे जिनमें 27 स्वर्ण पदक शामिल थे।
पीटी उषा ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर लिखा,'एशियाई पैरा खेलों में हमारे पैरा खिलाड़ियों ने साहस, दृढ़ संकल्प और असाधारण प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। जीता गया हर पदक आपके अटूट जज्बे और घंटों की अथक मेहनत का प्रमाण है। आपने न केवल देश को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे भारत के लाखों लोगों को तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी किया है। हमारे सभी असाधारण चैंपियन, कोच और सहयोगी कर्मचारियों को हार्दिक बधाई। इसी तरह चमकते रहें और नई ऊंचाइयों को छूते रहें!'
भारत के कुल पदकों में आधे से अधिक पदक पैरा एथलेटिक्स से आए। इस स्पर्धा में भारत ने कुल 65 पदक जीते जिनमें 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल थे। यह 2023 के मुकाबले 12 पदक अधिक थे। पैरा बैडमिंटन में भारत ने 16 पदक जीते जिनमें तीन स्वर्ण, पांच रजत और आठ कांस्य पदक शामिल थे। वहीं, पैरा तैराकी में भारत को 11 पदक मिले। पैरा तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण पदक जीते। दूसरी ओर, एशियाई खेलों में भारत के सामान्य खिलाड़ियों ने कुल 85 पदक जीते थे जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल थे। यह पिछले चरण की तुलना में भारत के कुल पदकों से 21 कम थे।
