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भारतीय ओलंपिक संघ के CEO रघुराम अय्यर बोले- 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए प्रतिभा पहचान का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा

IOA CEO Raghuram Iyer On 2036 Olympics Preparations: पूर्व शूटर रोंजन सोढ़ी के उस बयान से खलबली मची जिसमें उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक में भारत के लिए 30-40 पदक जीतना दूर की कौड़ी है। उस बयान के बाद अब भारतीय ओलंपिक संघ सक्रिय हुआ है और सीईओ अय्यर ने प्रतिभा पहचान का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का दावा किया है।

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आईओए सीईओ रघुराम अय्यर

Photo : ANI

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रघुराम अय्यर ने बुधवार को कहा कि 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों में 30 से लेकर 40 पदक जीतने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कम उम्र के खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा। एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता रोंजन सोढ़ी ने हाल ही में कहा था कि भारत के पास 2036 के खेलों के लिए संभावित पदक विजेताओं की पहचान करने के लिए समय कम बचा है और उसे बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और प्रतिभाओं की खोज में मौजूद कमियों को तत्काल दूर करने की जरूरत है।

अय्यर ने पीटीआई से कहा, "मुझे लगता है कि वह (रोंजन सोढ़ी) सही कह रहे हैं। भारत के सभी जिलों में पांच से 15 वर्ष के आयु वर्ग की प्रतिभाओं की खोज के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा, क्योंकि 2036 में यही खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। इसके लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ) के साथ मिलकर इस योजना पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आईओए यह सुनिश्चित करेगा कि एनएसएफ को जरूरी सहयोग मिले। एक खिलाड़ी के विकास के कई अन्य पहलू भी हैं, जिनमें आईओए की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।"

आईओए के सीईओ ने हालांकि स्वीकार किया कि 2036 के ओलंपिक में 30 से 40 पदक जीतने के लक्ष्य ने भारतीय खेल की सर्वोच्च संस्था पर जबरदस्त दबाव डाला है। भारत ने इन ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा पेश किया है। अय्यर ने कहा, "मुझे लगता है कि दबाव निश्चित रूप से बढ़ा है, लेकिन दबाव सौभाग्य की बात है। मुझे लगता है कि हम सभी इस दबाव को झेलने की स्थिति में हैं। यह दबाव भारत की असीमित अपेक्षाओं का है।"

उन्होंने कहा, "हम सभी भाग्यशाली हैं कि हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब पूरे खेल तंत्र को प्रधानमंत्री और खेल मंत्री का समर्थन हासिल है।" अय्यर ने यह भी बताया कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों ने विशेष रूप से ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेलों को महत्वपूर्ण समर्थन देने के लिए एक साथ मिलकर काम किया है। उन्होंने कहा, "खेल जगत में पूंजी का प्रवाह, चाहे वह सरकार से हो या निजी क्षेत्र से, बहुत तेजी से बढ़ा है। कुल मिलाकर खेलों को लेकर सकारात्मक माहौल है। मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी स्थिति है।"

इस महीने की शुरुआत में संपन्न हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए अय्यर ने कहा, "मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स, पैरा स्पोर्ट्स, जूडो आदि में हमारा प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। लेकिन अभी हम केवल इन्हीं उपलब्धियों पर संतुष्ट होकर नहीं बैठेंगे। आने वाले वर्षों में हम और भी बहुत कुछ हासिल करने की उम्मीद रखते हैं।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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