जूडो में भारत ने 3 मेडल पक्के कर लिए हैं। पहला मेडल अस्मिता डे ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में सुनिश्चित किया। इसके अलावा भारत ने 60 किलोग्राम और 57 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में अपनी जगह बनाकर सिल्वर मेडल पक्का कर लिया। हालांकि, उनके पास गोल्ड जीतने का मौका है। सबसे पहले भारत की अस्मिता डे ने भी 48 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उन्होंने स्कॉटलैंड की समर शॉ हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह जुडो में भारत का पहला मेडल था। गोल्ड मेडल मैच में उनका सामना कनाडा की हेइडी क्वाच से होगा।
जूडो में मेडल पक्का (साभार-X)
पूरा भारत अभी इसकी खुशी मना ही रहा था कि एक और मेडल दिल्ली के हर्ष सिंह ने कन्फर्म कर दिया। हर्ष सिंह ने 60 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बना ली। सेमीफाइनल मैच में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पेद्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराया। फाइनल में उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के कैट्ज जोशुआ से होगा, जहां हर्ष मेडल का रंग बदलने उतरेंगे।
जुडो में भारत के लिए तीसरा मेडल पक्का किया सागर की रहने वाली यामिनी मोर्य ने जिन्होंने 57 किलोग्राम भारवर्ग में फाइनल में अपनी जगह पक्की की। उन्होंने यह मुकाबला केवल 58 सेकेंड में इप्पोन के जरिए खत्म कर लिया। इप्पोन को आप रेसलिंग में पिन डाउन की तर्ज पर समझ सकते हैं। जब खिलाड़ी अपने विरोधी को 20 सेकेंड तक चित कर देता है तो मैच वहीं खत्म कर दिया जाता है तकनीकि दक्षता के आधार पर जीत दे दी जाती है।
17 पदक जीत चुका है भारत
भारत ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में अब तक 17 पदक जीते हैं, जिसमें तीन स्वर्ण, नौ रजत और पांच कांस्य शामिल हैं। मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन), शर्मिला धनखड़ (महिला शॉट पुट F57) और दिलीप गावित (पुरुष 100 मीटर T47) ने स्वर्ण पदक जीते हैं। भारत ने ऋषिकांत सिंह, मुथुपंडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव, सर्वेश कुशारे, वल्लुरी अजय बाबू, हरजिंदर कौर, गुलवीर सिंह, मुरली श्रीशंकर, मोहम्मद बासिल और लवप्रीत सिंह ने रजत पदक जीते हैं, जबकि झंडू कुमार, बिंदिरानी देवी, शिल्पा के शायला और सीमा कालीरामना ने कांस्य पदक जीते हैं।
