Gulveer Singh ने कॉमनवेल्थ में रचा इतिहास, 5K और 10K की रेस में दो मेडल जीतने वाले बने पहले भारतीय एथलीट

ग्लासगो 2026 गुलवीर सिंह के नाम रहा। 28 साल के इंडियन आर्मी ऑफिसर ने ट्रैक हिस्ट्री में अपना नाम दर्ज करा लिया। वे एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में 5k-10k रेस में दो इंडिविजुअल डिस्टेंस मेडल जीतकर पहले इंडियन एथलीट बन गए। शनिवार को गुलवीर ने 5 किलोमीटर की दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कई खेलों के इतिहास में कुछ ऐसे अहम पल आते हैं जो किसी देश के खेल के नजरिए को हमेशा के लिए बदल देते हैं। बीजिंग में अभिनव बिंद्रा के शानदार गोल्ड ने एक इंडिविजुअल ओलंपिक सूखा खत्म किया। 2003 में पेरिस में अंजू बॉबी जॉर्ज के लॉन्ग जंप ब्रॉन्ज मेडल ने साबित कर दिया कि भारतीय ट्रैक एथलीट दुनिया के पोडियम पर कब्जा करने के लायक हैं। नीरज चोपड़ा की टोक्यो जीत ने दशकों से चली आ रही एथलेटिक निराशा को तोड़ दिया। अब ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने उन लेजेंड्स के साथ अपनी जगह बनाई।

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गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास। फाइल फोटो

स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में एक मुश्किल हफ्ते में इंडियन आर्मी के 28 साल के नायब सूबेदार ने एक लैंडमार्क डबल बनाया, जिसमें उन्होंने मेंस की 10,000m रेस में सिल्वर जीता और शनिवार को 5,000m में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ऐसा करके वह कॉमनवेल्थ गेम्स में 10,000m में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय मेंस और 5,000m में कॉमनवेल्थ पोडियम पर खड़े होने वाले देश के पहले एथलीट बने। केन्या और युगांडा जैसे ईस्ट अफ्रीकी पावरहाउस के पारंपरिक दबदबे वाले एरीना में गुलवीर की डबल खुशी ने इशारा किया कि इंडियन डिस्टेंस रनिंग ने आखिरकार पार्टिसिपेंट से असली कंटेंडर बनने की दहलीज पार कर ली है।

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