ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने गुरुवार को शानदार आगाज किया। महिला पेयर्स बॉल्स स्पर्धा में भारत ने माल्टा को रोमांचक टाई-ब्रेक में हराकर जीत से अभियान शुरू किया। ग्रुप बी के इस मुकाबले में रूपा रानी टिर्की और पिंकी की जोड़ी उतरी। रूपा ने लीड और पिंकी ने स्किप की भूमिका निभाई। पहला सेट भारत ने 7-1 से आसानी से जीत लिया। लेकिन दूसरे सेट में माल्टा की रेबेका लूसी रिक्सन और कोनी ले रिक्सन ने वापसी की और 4-3 से सेट अपने नाम कर लिया। मैच 1-1 से बराबर होने पर फैसला टाई-ब्रेक से हुआ।
कॉमनवेल्थ गेम्स (फोटो साभार- @India_AllSports)
ट्राई-ब्रेक में जीती भारतीय जोड़ी
टाई-ब्रेक में भारतीय जोड़ी एक समय पीछे चल रही थी। आखिरी गेंद पर पिंकी ने गजब का शॉट खेला और भारत को निर्णायक बढ़त दिला दी। इसी के साथ भारत ने मैच जीत लिया। अब शुक्रवार को ग्रुप बी के दूसरे मैच में भारतीय जोड़ी का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा। टिर्की और पिंकी दोनों 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली महिला फोर्स टीम का हिस्सा थीं। हालांकि इस बार ग्लास्गो में पुरुष और महिला फोर्स स्पर्धा हटा दी गई है। अब सिर्फ सिंगल्स और डबल्स के मुकाबले हो रहे हैं। भारत ने बर्मिंघम में पुरुष फोर्स में सिल्वर भी जीता था।
लवलीना का पदक पक्का
दूसरी ओर, टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने भारत के लिए पहला पदक पक्का कर दिया। महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में सिर्फ 5 मुक्केबाज हैं। लवलीना को पहले दौर में बाय मिला और वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं। मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में पहुंचते ही कम से कम कांस्य पदक तय हो जाता है। अब 31 जुलाई को सेमीफाइनल में लवलीना का सामना तुवालू की टीकेबीपी ताफाकी से होगा। जीतने पर वह फाइनल में पहुंचेंगी और गोल्ड या सिल्वर के लिए लड़ेंगी। इस तरह पहले ही दिन भारत के खाते में एक पदक तय हो गया और लॉन बॉल्स में जीत से हौसला भी बढ़ा। ग्लास्गो खेलों में भारत से इस बार भी दमदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
