ग्लास्गो: भारत की 24 साल की महिला मुक्केबाज जैस्मिल लंबोरिया ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में भारत के लिए बॉक्सिंग में एक और सिल्वर मेडल 57 किग्रा भारवर्ग में पक्का कर दिया। लिसोटो की रेपिलांग मासेलेला को उन्होंने एकतरफा सेमीफाइनल मुकाबले में 5-0 के अंतर मात देकर फाइनल में एंट्री कर ली। लेसोटो की मुक्केबाज जैस्मिन को चुनौती देने में नाकाम रहीं। सेमीफाइनल में हार का सामना करने के बावजूद रेपिलांग मासेलेला राष्ट्रमंडल खेलों में इतिहास रच दिया। वो राष्ट्रमंडल खेलों में लेसोटो के लिए कांस्य पदक जीतने वाली पहले महिला मुक्केबाज बन गईं।
जैस्मिन लंबोरिया
दूसरे राउंड में ही दर्ज की जीत
हरियाणा के भिवानी की रहने वाली जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलो भारवर्ग के सेमीफाइनल के धमाकेदार प्रदर्शन किया। पहले राउंड में 5 फुट 9 इंच लंबी जैस्मिन ने लेसोटो की मुक्केबाज के खिलाफ 5-0 से जीत दर्ज की। इसके बाद दूसरे राउंड में भी उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखा 5-0 से जीत दर्ज की। दो राउंड में ही उन्होंने मुकाबले अपने नाम कर लिया और फाइनल में एंट्री कर ली। भारतीय सेना में नायब सूबेदार जैस्मिन का यह राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक है।
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बॉक्सिंग में पक्का किया तीसरा सिल्वर मेडल
जैस्मिन लंबोरिया ने भारत के लिए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में बॉक्सिंग में तीसरा रजत पदक पक्का कर दिया। फाइनल में पहुंचने वाली वो तीसरी भारतीय हैं। उनसे पहले प्रीति पवार (महिलाओं के 54 किलो भारवर्ग) और अंकुश पंघल (पुरुषों के 80 किलो भारवर्ग) के फाइनल में एंट्री कर ली थी। इनसे अलावा अलावा 7 और मुक्केबाज फाइनल में पहुंचने के कगार पर हैं। भारत 17 मेडल के साथ पदक तालिका में 10वें पायदान पर है। भारतीय खिलाड़ियों ने 3 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 कांस्य पदक अपने नाम किए।
