Pat Cummins: ऑस्ट्रेलियाई को उसके ही घर में, उसके ही दर्शकों के सामने बांग्लादेश ने 9 विकेट से धूल चटा दी। ये सिर्फ एक मैच में मिली हार नहीं, बल्कि 149 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे शर्मनाक हारों में से एक बन गई। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर महज तीसरे ही टेस्ट में जीत दर्ज कर ली। इस मामले में वो एशिया की सबसे तेज टीम बन गई। पाकिस्तान को यहां पहली जीत के लिए 7 टेस्ट और भारत को 12 टेस्ट इंतजार करना पड़ा था। श्रीलंका तो 15 कोशिशों के बाद भी अब तक यहां एक भी मैच जीत नहीं पाई है।
पैट कमिंस (फोटो साभार- ICC/X)
हार पर क्या बोले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने हार की पूरी जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, "हमारी शुरुआत ही पहले दिन खराब हो गई थी। तैयारी को लेकर कोई शिकायत नहीं है, लेकिन मैदान पर हम बांग्लादेश से हर चीज में पीछे रहे।" कमिंस ने माना कि पहले दिन पिच से गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। उन्होंने कहा, "हमें थोड़ा और समय बिताना चाहिए था। गेंद से भी हम वो असर नहीं डाल पाए जो डालना चाहिए था। सच कहूं तो उन्होंने हर विभाग में हमसे बेहतर प्रदर्शन किया।"
टीम में बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा, "हर हार के बाद आप टीम कॉम्बिनेशन के बारे में सोचते हैं। अभी मैच खत्म हुआ है, बैठकर बात करेंगे। लेकिन ऑस्ट्रेलिया वापसी करना जानता है।" कमिंस ने बांग्लादेश की तारीफ करते हुए जोश हेजलवुड के 300 टेस्ट विकेट पूरे करने और कैमरन ग्रीन की शानदार सेंचुरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "हेजलवुड ने चोटों के बाद भी कमाल की गेंदबाजी की। ग्रीन ने जिस टेम्पो से बल्लेबाजी की वो काबिलेतारीफ है, बस उसे दूसरे छोर से साथ नहीं मिला।"
बांग्लादेश की दूसरी सबसे बड़ी जीत
गौरतलब है कि यह बांग्लादेश की टेस्ट क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उन्होंने 2024 में रावलपिंडी में पाकिस्तान को 10 विकेट से हराया था। SENA देशों में ये उनकी दूसरी जीत है। पहली ऐतिहासिक जीत उन्होंने 2022 में न्यूजीलैंड के माउंट माउंगानुई में हासिल की थी।ऑस्ट्रेलिया के लिए आंकड़े और भी तकलीफदेह हैं। 31 साल बाद कोई एशियाई टीम ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने में कामयाब हुई है। आखिरी बार 1995 में ऐसा हुआ था। ऑस्ट्रेलिया पर ये बांग्लादेश की सिर्फ दूसरी जीत है। पहली बार उन्होंने 2017 में मीरपुर में कंगारुओं को मात दी थी।
