अहमदाबाद: विराट कोहली का बल्ला कंगारुओं के खिलाफ जमकर बोलता है। इस बात की मिसाल मौजूदा विश्व कप के लीग दौर में दिखाई दे चुकी है। चेन्नई में दोनों टीमों के बीच लीग दौर में हुई भिड़ंत में टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की थी। 2 रन के स्कोर पर तीन विकेट गंवाने के बाद विराट कोहली और केएल राहुल ने टीम को संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 165 रन की साझेदारी की और 200 रन के लक्ष्य के करीब पहुंचाया। विराट ने इस दौरान 116 गेंद में 85 रन की पारी खेली।
कंगारुओं के खिलाफ खूब चलता है विराट का बल्ला
विराट कोहली का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रिकॉर्ड बेहद शानदार है। उन्होंने कंगारुओं के खिलाफ खेले 46 वनडे पारियों में 8 शतक और 13 अर्धशतक जड़े हैं। ऐसे में उनसे एक बार फिर विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर एक शानदार शतकीय पारी की अपेक्षा ना करना बेमानी होगा। विराट कोहली एक बार फिर कंगारुओं के खिलाफ फाइनल मुकाबले में सैकड़ा जड़ने में सफल रहें या असफल लेकिन अपनी पारी के दौरान 3 और 41 रन के आंकड़े को पार करते ही दो नए रिकॉर्ड कायम कर देंगे।
विश्व कप इतिहास के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज
विराट कोहली को विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे सफल बल्लेबाज बनने के लिए केवल 3 रन की दरकार है। विराट कोहली अपने खाते में तीन रन जोड़ते ही रिकी पॉन्टिंग को पछाड़कर रनों विश्व कप इतिहास में रनों के मामले में दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज बन जाएंगे। विराट के खाते में फिलहाल 36 मैच की 36 पारियों में 1741 रन दर्ज हैं, वहीं रिकी पॉन्टिंग 1743 रन के साथ दूसरे पायदान पर हैं। विराट कोहली फाइनल में उनसे आगे निकल सकते हैं लेकिन सचिन तेंदुलकर के 2278 रन के रिकॉर्ड से पीछे रह जाएंगे।
आईसीसी फाइनल्स में सबसे ज्यादा रन
फाइनल में अपनी पारी के दौरान विराट अगर 41 रन जोड़ने में सफल होते हैं तो विश्व कप इतिहास के फाइनल्स मुकाबलों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।
