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PAK vs USA: अमेरिका की यादगार जीत के हीरो सौरभ नेत्रवलकर ने बताया, कैसे बनाया-कोडिंग और बॉलिंग के बीच संतुलन

  • Agency by: भाषा
  • Updated Jun 7, 2024, 10:57 PM IST

पाकिस्तान के खिलाफ अमेरिका की यादगार जीत के हीरो बने सौरभ नेत्रवलकर ने बताया है कि उन्हें मैदान और मैदान के बाहर क्या है पसंद। कैसे बनाया कोडिंग और बॉलिंग के बीच संतुलन?

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सौरभ नेत्रवलकर

Photo : AP

नई दिल्ली: अमेरिका की पाकिस्तान पर टी20 विश्व कप में जीत में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर ने कहा कि उन्हें मैदान के बाहर ‘कोडिंग’ करने और मैदान के अंदर बल्लेबाजों को परेशान करने में आनंद आता है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेत्रवलकर ने सुपर ओवर में पूर्व चैंपियन पाकिस्तान को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया था, जिससे अमेरिका टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर करने में सफल रहा। इससे क्रिकेट जगत में नेत्रवलकर अचानक ही चर्चा का विषय बन गए।

नेत्रवलकर ने पीटीआई से कहा,'यह केवल एक मैच था जिसमें हमने अच्छा प्रदर्शन किया। हमारा ध्यान अगले मैच पर होना चाहिए और सच कहूं तो अमेरिका की टीम में शामिल सभी खिलाड़ी अपनी उपलब्धियां को आत्मसात करने की कोशिश कर रहे हैं।'

पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं नेत्रवलकर

मूल रूप से मुंबई के रहने वाले और भारत की अंडर-19 टीम के सदस्य रहे नेत्रवलकर पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं तथा उन्होंने क्रिकेट और अपनी नौकरी के बीच बहुत अच्छी तरह से सामंजस्य स्थापित किया है। उन्होंने कहा,'मैंने कभी दबाव महसूस नहीं किया। जब आप किसी चीज को पसंद करते हैं तब वह आपके लिए काम नहीं रह जाता है। इसलिए जब मैं मैदान पर होता हूं तो मुझे गेंदबाजी करना और बल्लेबाजों को परेशान करना पसंद है। जब मैं कोडिंग करता हूं तो मैं उसी में रम जाता हूं। इसलिए मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं जबरदस्ती कोई काम कर रहा हूं।'

मुंबई के लिए खेल चुके हैं घरेलू क्रिकेट

सौरभ नेत्रवलकर भारत के लिए साल 2010 में अंडर-19 विश्व कप में हिस्सा रहे हैं। इस टीम में उनके साथ केएल राहुल, जयदेव उनादकट और मयंक अग्रवाल जैसे खिलाड़ी थे। उन्होंने साल 2013-14 में मुंबई के लिए रणजी डेब्यू किया था। उन्होंने साल 2013-14 में मुंबई के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट ए डेब्यू भी किया था। नेत्रवलकर को मुंबई की टीम में कम मौके मिले ऐसे में वो बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका आ गए। जहां साल 2018 में उन्हें अमेरिका के लिए डेब्यू का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी टीम की कप्तानी भी की।

मुंबई में हासिल की इंजीनियरिंग की शिक्षा

नेत्रवलकर ने मुंबई के सरदार पटेल इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कम्पयूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले आए। जहां कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से उन्होंने एमएस की डिग्री हासिल की और उसके बाद जानी मानी सॉफ्टवेयर कंपनी ऑरेकल के साथ जुड़ गए। जहां वो अभी भी काम कर रहे हैं।

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