भारतीय टीम भले ही सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में सेमीफाइनल तक पहुंचने में कामयाब रही हो, लेकिन बतौर बल्लेबाज कप्तान का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है। यूएसए के खिलाफ मुकाबले को छोड़ दें तो सूर्या ने हर बार बतौर बल्लेबाज निराश किया। खास तौर से उनके स्ट्राइक रेट पर सवाल उठ रहे हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने सूर्यकुमार यादव के फॉर्म और उनके स्ट्राइक रेट पर सवाल उठाए हैं।
सूर्यकुमार यादव (साभार-X)
वनडे की तरह खेल रहे हैं सूर्या
माइकल वॉन ने सूर्या के स्ट्राइक रेट पर बोलते हुए कहा कि वह टी20 क्रिकेट में फिफ्टी ओवर की तरह खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सूर्या के लिए आखिरी मौका है क्योंकि वह वर्तमान में 35 साल के है। जिस हिसाब से भारत में टैलेंटेड खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। वह अगले वर्ल्ड कप में शायद ही टीम का हिस्सा हों। उन्होंने कहा कि आप अपने वर्ल्ड कप कैंपेन को यूएसए के खिलाफ खेली गई एक पारी से जज नहीं कर सकते।
स्ट्राइक रेट के लिए लिहाज से जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई पारी कुछ हद तक ठीक थी। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में उन्होंने 13 गेंद में 33 रन की पारी खेली थी। उनके पास अगले दो मैच में खुद के गेम को बेहतर करने का मौका है। उनके पास कप उठाने का मौका है, क्योंकि दोबारा उन्हें यह मौका नहीं मिलने वाला। अगला टी20 वर्ल्ड कप 2028 में होने वाला है और तब तक यह संभव नहीं है कि वह टीम में रहें।
भारत के सबसे सफल बल्लेबाज
माइकल वॉन भले ही सूर्यकुमार यादव के फॉर्म पर सवाल खड़े कर रहो हो, लेकिन इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के लिए सबसे सफल बल्लेबाज सूर्या ही हैं। उन्होंने 7 पारी में 38.50 की औसत और 135.18 की स्ट्राइक रेट से सर्वाधिक 231 रन बनाए हैं। उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर यूएसए के खिलाफ वर्ल्ड कप के पहले मैच में आया था, जहां उन्होंने नाबाद 84 रन की पारी खेली थी।
