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Asia Cup 2025: कुलदीप यादव ने खोला सफलता का राज, बताया कैसे बने एशिया कप से सबसे दमदार गेंदबाज

Kuldeep Yadav Bowling: इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला के दौरान अंतिम एकादश में जगह बनाने में नाकाम रहे भारत के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव ने कहा कि दलीप ट्रॉफी में ‘ काफी अधिक गेंदबाजी करने’ से उन्हें एशिया कप के लिए अपनी लय वापस पाने में मदद मिली।

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कुलदीप यादव (फोटो- AP)

Kuldeep Yadav Bowling: भारत के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव ने कहा कि इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला के दौरान अंतिम एकादश में जगह न मिलने के बाद उन्होंने दलीप ट्रॉफी में जमकर गेंदबाजी की, जिससे उन्हें एशिया कप के लिए अपनी लय वापस पाने में मदद मिली। कुलदीप इस घरेलू टूर्नामेंट में 17 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज बने थे। उनका गेंदबाजी औसत 9.29 रहा।

एशिया कप फाइनल में दिखा जलवा

दुबई में खेले गए एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ कुलदीप ने 30 रन देकर चार विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में उलझाकर भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। बीसीसीआई द्वारा जारी वीडियो में रिंकू सिंह से बातचीत में कुलदीप ने कहा कि “जब आप लंबे समय तक क्रिकेट नहीं खेलते हैं, तो लय बेहद जरूरी होती है। दलीप ट्रॉफी में मुझे गेंदबाजी करने का भरपूर मौका मिला और यही वजह रही कि एशिया कप में मैं अपनी बेहतरीन गेंदबाजी कर सका।”

कप्तान का भरोसा और जिम्मेदारी

कुलदीप ने बताया कि उनकी भूमिका बीच के ओवरों में रन रोकने और विकेट निकालने की थी। उन्होंने कहा कि “कप्तान ने मुझ पर काफी भरोसा जताया और मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई। बीच के ओवरों में विकेट निकालना ही मैच का टर्निंग पॉइंट रहा।”

स्पिन तिकड़ी का कमाल

कुलदीप, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने मिलकर इस टूर्नामेंट में शानदार स्पिन तिकड़ी बनाई। इन तीनों की विविधता ने विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।वरुण ने भी बीसीसीआई वीडियो में कहा कि उन्हें पावरप्ले और डेथ ओवरों जैसी कठिन परिस्थितियों में गेंदबाजी करने की जिम्मेदारी मिली और वे टीम प्रबंधन की उम्मीदों पर खरे उतरने से खुश हैं।

संजू सैमसन का सहयोग

वरुण चक्रवर्ती ने संजू सैमसन को अपना सबसे बड़ा सहारा बताया। इस वीडियो में संजू भी उनसे जुड़ गए और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में टीम को मुश्किल हालात से निकालने पर अपने अनुभव साझा किए। सैमसन ने कहा कि “जब शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए तो दबाव काफी था, लेकिन मेरा लक्ष्य क्रीज पर टिके रहना और नैसर्गिक खेल के साथ अनुभव का इस्तेमाल करना था। तिलक वर्मा के साथ साझेदारी ने हमें संतुलन दिया।”

रिंकू सिंह का विजयी चौका

फाइनल में जब टीम को जीत के लिए केवल एक रन की जरूरत थी, तब रिंकू सिंह ने अपनी पहली ही गेंद पर चौका जड़कर भारत को खिताब दिलाया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि वे अपनी बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण दोनों पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं और आगे भी टीम के लिए अहम योगदान देना चाहते हैं।

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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