स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बाएं हाथ की युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा (39 रन पर 5 विकेट) के करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बाद प्रतिका रावल (नाबाद 59) और शेफाली वर्मा (नाबाद 51) की अर्धशतकीय पारियों के दम पर भारतीय महिला टीम ने बुधवार को तीसरे महिला वनडे मुकाबले में जिम्बाब्वे को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। भारत ने 132 रन का लक्ष्य महज 17 ओवर में दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। वैष्णवी की फिरकी के सामने जिम्बाब्वे की टीम 39.5 ओवर में 131 रन पर सिमट गई। अपने तीसरे वनडे में खेल रहीं 20 वर्षीय वैष्णवी ने 10 ओवर में 39 रन देकर पांच विकेट झटके। उन्होंने दूसरे वनडे में भी चार विकेट हासिल किए थे।
भारत ने जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया। फोटो- BCCI
लक्ष्य का पीछा करते हुए प्रतिका ने 56 गेंद में नाबाद 59 रन बनाए, जबकि चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज में 26 गेंद में नाबाद 51 रन बनाकर भारत को आसान जीत दिलाई। कप्तान स्मृति मंधाना ने प्रतिका के साथ यास्तिका भाटिया को पारी का आगाज करने भेजा, लेकिन बाएं हाथ की बल्लेबाज इस मौके का फायदा नहीं उठा सकीं। वह अपनी पहली ही गेंद पर आड़े बल्ले से शॉट खेलने के प्रयास में मिड-ऑन पर कैच दे बैठीं।
पहले दो मुकाबलों में 100 और 61 रन बनाने वाली प्रतिका ने इस मैच में भी जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ सहज बल्लेबाजी की। उन्होंने विकेट के दोनों ओर चौके लगाकर पारी की शुरुआत की और अपने 30वें वनडे में 10वां अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद शेफाली ने क्रीज पर आते ही तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए। उन्होंने चौकों की झड़ी लगाकर लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया और प्रतिका के साथ मिलकर भारत को जीत तक पहुंचाया।
यह भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहली बाइलेटरल सीरीज थी। इससे पहले भारतीय टीम ने टी20 सीरीज भी 3-0 से अपने नाम की थी। जिम्बाब्वे की टीम को महिला क्रिकेट की शीर्ष टीमों में शामिल भारत के खिलाफ खेलने का अहम अनुभव मिला। बीस वर्षीय वैष्णवी ने गेंद को हवा में लहराने से परहेज नहीं किया और उनकी इस रणनीति में जिम्बाब्वे की बल्लेबाज लगातार फंसती चली गईं। मेहमान टीम की ओर से सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने 48 गेंदों में 37 रन बनाकर सबसे ज्यादा योगदान दिया।
भारत दौरे पर लगातार बल्लेबाजी में संघर्ष कर रही जिम्बाब्वे की टीम की मुश्किलें शुरुआती ओवरों में ही बढ़ गईं। उसके बल्लेबाजों ने गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आसानी से अपने विकेट गंवाए। तेज गेंदबाज सयाली सतघरे ने अपने पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज लोरिन फिरी को विकेट के पीछे यास्तिका भाटिया के हाथों कैच कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी चिपो मुगेरी-तिरिपानो भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। क्रांति गौड़ की गेंद पर कट लगाने की कोशिश में उन्होंने प्वाइंट पर खड़ी शेफाली वर्मा को कैच थमा दिया।
इसके बाद वैष्णवी ने अपनी फिरकी का जादू चलाया। उन्होंने पहले बिलव्ड बीजा को आउट किया और फिर शानदार फॉर्म में चल रहीं मुपाचिक्वा को अपनी चतुराई से चकमा दिया। मुपाचिक्वा के क्रीज से बाहर निकलकर खेलने के इरादे को भांपते हुए वैष्णवी ने गेंद को ऑफ स्टंप से काफी बाहर फ्लाइट कराया। बल्लेबाज गेंद तक नहीं पहुंच सकीं और विकेटकीपर यास्तिका ने उन्हें स्टंप कर दिया। वैष्णवी का पांचवां और आखिरी विकेट उनके स्पेल की अंतिम गेंद पर आया। न्याशा ग्वानजुरा ने बड़ा स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद पैड से टकराकर स्टंप्स पर जा लगी। वैष्णवी के शानदार प्रदर्शन के अलावा क्रांति गौड़ और सयाली सतघरे ने भी दो-दो विकेट हासिल किए।
शृंखला पहले ही अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी अंतिम एकादश में तीन बदलाव किए। हरलीन देओल, यास्तिका और क्रांति को टीम में शामिल किया गया। तेज गेंदबाज क्रांति को दूसरे वनडे में आराम दिया गया था। वनडे से पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला को भी भारत ने 3-0 से जीता था।
