स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार आगाज करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को 21 जून की रात, तब बड़ा झटका लगा, जब साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने भारत को उनकी तैयारियों को लेकर आईना दिखाया। साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद को झकझोर कर रख दिया। अब टीम इंडिया पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि, टीम को ऑस्ट्रेलिया का सामना करना है।
भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने का समीकरण।
टीम इंडिया ने 14 जून को चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान को मात दी। इसके तीन दिन बाद यानी 17 जून को नीदरलैंड्स को मात देकर चार अंक बटोरे। तब फैंस को लगा कि वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप में अपना जलवा दिखाएगी। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छह विकेट से मिली हार ने न सिर्फ उसे जीत की हैट्रिक लगाने से रोक दिया, बल्कि विश्व चैंपियन टीम को टेंशन दे दी। क्योंकि ग्रुप-ए में टॉप-2 में जगह बनाने की जंग बड़ी रोचक हो गई है।
ऐसा है ग्रुप-ए का हाल
ग्रुप-ए में की मौजूदा प्वाइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति को देखा जाए तो ऑस्ट्रेलियाई टीम चार मैचों में चार जीत के साथ 8 अंक लेकर पहले नंबर पर काबिज है। वहीं, टीम इंडिया तीन मैचों में दो जीत और एक हार के साथ 4 अंक लेकर दूसरे नंबर पर है। साउथ अफ्रीका ने तीन मैच में दो जीत और एक हार के साथ 4 अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। बांग्लादेश की भी यही स्थिती है। वह भी 4 अंक के साथ चौथे पायदान पर है, जबकि पाकिस्तान और नीदरलैंड्स की टीम रेस से बाहर हो गई हैं।
ग्रुप-ए प्वाइंट्स टेबल।
एक और हार से बाहर होने का खतरा
भारत के पास दो मुकाबले बचे हैं। टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश से दो मैच खेलने हैं। टीम इंडिया को अगर सेमीफाइनल में जगह पक्की करनी है तो उसे बांग्लादेश और मुश्किल प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया को हराना होगा। ऑस्ट्रेलिया फिलहाल जीत के रथ पर सवार है। कंगारू टीम ने अभी तक चारों मुकाबले जीते हैं। ऐसे में उसे हराना भारत के लिए मुश्किल साबित हो सकता है।
इंडिया के सेमीफाइनल सिनेरियो
पहला सिनेरियोः टीम इंडिया के पास सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए सबसे आसान तरीका यह है कि वह बाकी बचे दोनों ही मुकाबले जीते। 25 जून को भारत, बांग्लादेश से भिड़ेगी। यहां भारत को जीत दर्ज करनी होगी। इसके बाद रविवार, 28 जून को ऑस्ट्रेलिया को हरा दे और सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर ले। साथ ही यह भी उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश अपने दोनों मैच हार जाएं।
दूसरा सिनेरियोः दूसरे समीकरण में अगर भारत और साउथ अफ्रीका अपने बचे हुए दोनों मैच जीत लेते हैं तो मामला नेट रन रेट पर आकर फंसेगा। टीम इंडिया +2.511 के साथ फिलहाल साउथ अफ्रीका से आगे है और बाकी मैचों में भारत को इस नेट रन नेट को बनाए रखना होगा। साउथ अफ्रीका 0.546 नेट रन रेट के साथ 25 जून को जब नीदरलैंड्स के खिलाफ उतरेगी तो उसकी भी निगाहें नेट रन रेट को बेहतर करने पर होगी।
तीसरा सिनेरियोः अगर भारत को अगले दो मुकाबले में से एक में भी हार का सामना करना पड़ता है तो उसे दूसरे टीम के परिणाम पर निर्भर रहना होगा। फिर भारत को दुआ करनी होगी कि साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश भी अपने-अपने एक-एक मुकाबले हार जाएं। साथ ही इन दोनों में से किसी का भी नेट रन रेट भारत से बढ़िया ना हो। अगर ऐसा होता है तो भारत बेहतर नेट रन रेट के साथ आगे बढ़ जाएगा।
एक स्थान के लिए तीन टीमों में जंग
ऑस्ट्रेलिया 8 अंक लेकर पहले स्थान पर है और सेमीफाइनल में जगह बनाने की दहलीज पर खड़ी है। 25 जून को भारत और साउथ अफ्रीका अपने-अपने मुकाबले खेलेंगी। इनके मुकाबलों के बाद संभवतः ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। उसके बाद बचे एक स्थान के लिए भारत, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश के बीच रोमांचक जंग होगी। ऐसे में सभी टीमें इस बात को जानती हैं कि बेहतर नेट रन रेट ही उनके आगे जाने का काम आसान कर सकता है। अभी फिलहाल तो भारत का पलड़ा भारी है।
