क्रिकेट

धोनी के नक्शेकदम पर हरमनप्रीत,विश्व कप ट्रॉफी लेकर गेटवे ऑफ इंडिया पर दिया ऐतिहासिक पोज

Harmanpreet Kaur Pose With Trophy: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए महिला विश्व कप 2025 को अपने नाम कर लिया है। इस जीत के बाद भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महेंद्र सिंह धोनी की याद दिलाई है और गेटवे ऑफ इंडिया पर जाकर ट्रॉफी के साथ पोज दिया है।

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हरमनप्रीत कौर और महेंद्र सिंह धोनी ट्रॉफी के साथ (फोटो- ICC)

Harmanpreet Kaur Pose With Trophy: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने विश्व कप जीतने के बाद एमएस धोनी की परंपरा को आगे बढ़ाया है। हरमनप्रीत ने अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए, प्रतिष्ठित गेटवे ऑफ इंडिया पर महिला विश्व कप 2025 की ट्रॉफी के साथ पोज़ दिया।

हरमनप्रीत और उनकी टीम ने रविवार, 2 नवंबर को नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस जीत के तुरंत बाद, कप्तान हरमनप्रीत ने इस प्रतिष्ठित स्मारक पर ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। आईसीसी (ICC) ने इन तस्वीरों को सोमवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जारी किया।

2011 की जीत का रिवाइंड

हरमनप्रीत ने ऐसा करके 2011 में पुरुष टीम को विश्व कप की जीत दिलाने वाले कप्तान एमएस धोनी के नक्शेकदम पर चली हैं। धोनी ने भी उस जीत के बाद मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर विश्व कप की ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाई थीं, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में से एक है।

इस जीत ने भारतीय महिला टीम के लिए दो दशक लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है। 2005 और 2017 के फाइनल में मिली निराशाओं के घावों को इस ऐतिहासिक जीत ने भर दिया है, और हरमनप्रीत अब कपिल देव, एमएस धोनी और रोहित शर्मा के साथ विश्व कप जीतने वाले भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल हो गई हैं।

कप्तान का जीत के बाद पहला बयान: 'यह अंत नहीं, बस शुरुआत है'

रविवार को जीत के बाद हरमनप्रीत कौर भावुक थीं, उन्होंने इस पल को "किसी बड़ी चीज की शुरुआत" बताया। भारतीय कप्तान ने कहा कि उनका लक्ष्य इस बाधा को तोड़ना और जीतने की आदत डालना है।हरमनप्रीत कौर ने कहा कि "यह तो बस शुरुआत है। हम इस बाधा को तोड़ना चाहते थे। और हमारी अगली योजना इसे (जीतने को) एक आदत बनाने की है। हम इसका इंतजार कर रहे थे। अब यह पल आ गया है। इतने सारे बड़े अवसर आने वाले हैं, और हम लगातार सुधार करना चाहते हैं। यह अंत नहीं है, सिर्फ शुरुआत है।"

संघर्ष और नियति की कहानी

हरमनप्रीत ने कहा कि इतने वर्षों के संघर्ष और दिल टूटने के बाद, यह जीत उनकी नियति में लिखी थी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए भगवान, परिवार, और देश के समर्थन का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा, "मैं ईश्वर का धन्यवाद करती हूँ। मेरे परिवार, मेरे देश—उन्होंने दिन-रात प्रार्थना की। मैं बहुत खुश हूँ कि हमने उन्हें खुशी दी।"

उन्होंने आगे जोड़ा "आप सही कह रहे हैं। यह एक बहुत, बहुत लंबी यात्रा थी। यह काफी दिल तोड़ने वाला था। कई बार लगा, हमारे साथ ही क्यों? यह इतनी अच्छी टीम है। मुझे लगता है कि आज यह नियति थी। संघर्ष नियत था, ताकि हम मजबूत बन सकें। मुझे टीम को इसका श्रेय देना होगा; उनके बिना यह संभव नहीं था।"

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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