रेड बॉल क्रिकेट में सवालों के घेरे में रहने वाले भारतीय हेड कोच फिलहाल व्हाइट बॉल क्रिकेट में मिली सफलता के बाद फूले नहीं समा रहे हैं। ऐसा हो भी क्यों न वह भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी दिलाने वाले पहले कोच बन गए हैं। उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया ने पहले साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती और अब सफलतापूर्वक टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी डिफेंड कर ली। इतना ही नहीं वह ऐसे पहले शख्स बन गए जिन्होंने बतौर खिलाड़ी और कोच टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई है, लेकिन इन सफलताओं से गंभीर की आगे की चुनौती खत्म नहीं हो जाती। बीसीसीआई के पूर्व बॉस और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय हेड कोच को एक चेतावनी दी है।
गौतम गंभीर और सौरव गांगुली (साभार-X)
असली परीक्षा अभी बाकी है
सौरव गांगुली ने कहा कि गंभीर की असली परीक्षा में अभी एक साल का वक्त है। उन्होंने कहा 'व्हाइट बॉल क्रिकेट में उकी असली परीक्षा 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होगी। वहां की परिस्थितियां उनकी परीक्षा लेंगी, लेकिन मुझे विश्वास है कि उनके पास जो टीम है, उसके साथ वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी टीम इंडिया को अपना प्रदर्शन सुधारने को कहा।
उन्होंने कहा कि रेड बॉल क्रिकेट में विकेट को लेकर ज्यादा सोचना उन्हें छोड़ना होगा। उनकी टीम को इस फॉर्मेट में गेंदबाजी में सुधार लाना होगा। इसके लिए उन्होंने इंग्लैंड सीरीज का उदाहरण दिया, जहां विकेट के मामले में वह कुछ नहीं कर पाए और एक युवा भारतीय टीम ने ड्रॉ करने में सफलता हासिल की।
अच्छे कोच हैं गौतम गंभीर
गौतम एक बहुत अच्छे कोच हैं। अगर आपको याद हो तो मैंने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी से पहले कहा था कि आपको उन्हें थोड़ा समय देना चाहिए। व्हाइट बॉल के कोच के रूप में वे बहुत अच्छे हैं, खासकर इन परिस्थितियों में। उनके पास एक बहुत अच्छी टीम है और वे एक बहुत अच्छे कोच हैं।" टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतने के बाद उन्होंने कहा था कि आईपीएल 2026 के बाद वह अपना सारा फोकस वनडे वर्ल्ड कप 2027 पर करेंगे।
