कोलंबो: श्रीलंका के पूर्व मुख्य चयनकर्ता प्रमोदया विक्रमसिंघा ने श्रीलंका क्रिकेट का कामकाज संभाल रही अंतरिम समिति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
प्रमोदया विक्रमासिंघे
उन्होंने अपने दो साल के कार्यकाल को गलत तरीके से खत्म किए जाने के लिए मुआवज़े की मांग की है। एक बयान में विक्रमसिंघा ने कहा कि उन्होंने अपनी बर्खास्तगी को लेकर 'कोलंबो के' कमर्शियल हाई कोर्ट' में 7.5 करोड़ श्रीलंकाई रुपये के मुआवजे के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की है'।
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1996 विश्व कप विजेता टीम के रहे हैं सदस्य
श्रीलंका की 1996 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे विक्रमसिंघा ने कहा कि उन्हें 17 दिसंबर 2025 को चयनकर्ताओं का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और यह पद स्वीकार करने के बाद उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट के लिए काफी व्यक्तिगत और पेशेवर योगदान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हटाए जाने से उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को 'गंभीर और अनुचित नुकसान'पहुंचा है।
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मई 2026 में चयन समिति को किया गया था भंग
प्रमोदया विक्रमसिंघा को दिसंबर 2025 में श्रीलंका की पांच सदस्यीय राष्ट्रीय चयन समिति का चेयरमैन बनाया गया था, लेकिन उनका दो साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही मई 2026 में चयन समिति को भंग कर दिया गया और कपिल विजेगुणावर्देना की अगुवाई में नई समिति नियुक्त कर दी गई। श्रीलंका क्रिकेट के अनुरोध पर खेल मंत्री सुनील कुमार गमगे ने नई समिति को मंजूरी दी थी। श्रीलंका क्रिकेट की नई राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष पूर्व तेज गेंदबाज कपिल विजेगुणावर्देना हैं। उनके साथ अंतरिम चयन समिति में अमल सिल्वा, ब्रेंडन कुरुप्पु ,वरुण वारागोडा, वैनेसा डी सिल्वा को जगह मिली है।
