Devdutt Padikkal Century: भारत के नंबर 3 बल्लेबाजों के लिए शतक का 35 पारियों से चला आ रहा सूखा आखिरकार समाप्त हो गया। 26 साल के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे सीरीज के पहले टेस्ट के पहले दिन शानदार शतक जड़कर टीम इंडिया को भी बड़ी राहत दी। पडिक्कल ने अपने करियर के तीसरे टेस्ट की चौथी पारी में ये उपलब्धि हासिल की। यशस्वी जायसवाल के रन आउट होने के बाद नंबर 3 पर आए पडिक्कल ने 134 गेंद में 9 चौके और 1 छक्के की मदद से शतक पूरा किया।
21 महीने बाद वापसी और सीधा शतक
पडिक्कल ने अपना अर्धशतक 81 गेंद में बनाया था और अगले 50 रन सिर्फ 53 गेंद में जोड़ दिए। पडिक्कल का यह शतक कई मायनों में खास है। पडिक्कल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने ये कारनामा भारत के 600वें टेस्ट और देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर किया। इससे पहले अभ्यास मैच में भी उन्होंने 142 रन की पारी खेली थी। साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद पडिक्कल को प्लेइंग-11 में मौका मिला। उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया। पडिक्कल ने आखिरी टेस्ट नवंबर 2024 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जहां वो 0 और 25 रन ही बना पाए थे। उसके बाद से वो टीम में तो थे लेकिन खेल नहीं पा रहे थे।
क्या था रिकॉर्ड?
भारत के नंबर 3 के लिए शतक का सबसे लंबा सूखा 57 पारियों का है, जो फरवरी 1968 से जनवरी 1975 तक चला था। दूसरा सबसे लंबा सूखा 54 पारियों का है, जो अगस्त 2019 से दिसंबर 2022 तक था। वहीं 35 पारियों का सूखा दो बार आया है। इससे पहले दिसंबर 1948 से मार्च 1953 तक 35 पारियों में भारत के नंबर 3 पर कोई शतक नहीं आया था। अब सितंबर 2024 से जून 2026 तक 35 पारियों बाद पडिक्कल के शतक से ये दूसरा सूखा टूटा। अगर पडिक्कल आज शतक नहीं लगा पाते तो हो सकता है कि रिकॉर्ड आगे बढ़ता है और 57 पारियों तक पहुंचकर 57 सालों का एक अनचाहा रिकॉर्ड टूट जाता।
