कोपनहेगन: भारत के 31 वर्षीय एचएस प्रणॉय को थाइलैंड के 22 वर्षीय कुन्लावुट वितिसार्न के खिलाफ सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उनका वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना चकनाचूर हो गया। विक्टर एक्सेलसेन को क्वार्टर फाइनल में करारी मात देकर सेमीफाइनल में पहुंचे प्रणॉय अपने उस फॉर्म को थाई खिलाड़ी के खिलाफ बरकरार नहीं रख सके। उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। प्रणॉय ने सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार शुरुआत की और 21-18 के अंतर से पहले गेम अपने नाम कर लिया। इसके बाद दूसरे गेम में वितिसार्न ने शानदार वापसी करते हुए 13-21 के अंतर से जीत दर्ज हासिल करके मैच में वापसी कर ली। ऐसे में तीसरे गेम में हार जीत का फैसला हुआ। जिसे वितिसार्न ने 14-21 के अंतर से अपने नाम कर लिया।
एचएस प्रणॉय
लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचे वितिसार्न
वितिसार्न केंटो मोमोटा के बाद लगातार दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे खिलाड़ी बने हैं। जापान के मोमोटा साल 2018 और 2019 में लगातार दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे थे। पिछले साल वितिसार्न को फाइनल में हार का मुंह देखना पड़ा था। उनके खाते में सिल्वर मेडल गया था। इस बार उसे गोल्ड में तब्दील करने का उनका पास शानदार मौका है।
पहले दो गेम में रही बराबरी
पहले गेम में दोनों खिलाड़ी शुरुआत में बराबरी पर लग रहे थे। मुकाबला 5-5 की बराबरी पर था लेकिन इसके बाद प्रणॉय ने बढ़त बनाई और विरोधी थाई खिलाड़ी को वापसी मौका नहीं दिया और 21-18 के अंतर से पहला गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी शुरुआत पहले गेम जैसी ही रही। एक समय दोनों खिलाड़ी 7-7 अंक की बराबरी पर थे। लगातार 7 अंक हासिल करके वितिसार्न ने गेम को पूरी तरह अपनी ओर मोड़ लिया और प्रणॉय को वापसी का मौका नहीं दिया। अंत में गेम वितिसार्न ने 13-21 के अंतर से अपने नाम कर लिया।
थाई प्लेयर ने नहीं दिया प्रणॉय को वापसी का मौका
तीसरे और निर्णायक गेम में वितिसार्न ने शानदार शुरुआत की और 8-5 की बढ़त बना ली। प्रणॉय ने इसके बाद वापसी की और स्कोर को 8-7 कर दिया। लेकिन इस लय को प्रणॉय बरकरार नहीं रख सके और ब्रेक तक 11-7 की बढ़त बना ली। ब्रेक के बाद प्रणॉय ने वापसी की पुरजोर कोशिश की और स्कोर 14-10 हो गया। लेकिन वितिसार्न ने फिर सर्विस ब्रेक करके पांच अंक की बढ़त बना ली। 22 वर्षीय वितिसार्न के खिलाफ 31 वर्षीय प्रणॉय निर्णायक मुकाबले में थके लग रहे थे। स्कोर 17-13 तक भी पहुंचा लेकिन प्रणॉय अंतर कम करने में नाकाम रहे और अंत में वितिसार्न ने 21-14 के अंतर से गेम और मैच अपने नाम करने में सफल रहे।
