सावन में पूजन के लिए कौन-सा शिवलिंग सबसे उपयुक्त माना जाता है? जानें इनके 4 प्रमुख स्वरूप और उनका अर्थ

Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे खास है। इन दिनों लोग शिवलिंग पर जल चढ़ाते और पूजन करते हैं। आज हम आपको शिवलिंग के 4 प्रकार बताएंगे, जिन पर जल अर्पित किया जाता है।

Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे मास में शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी शिवलिंग एक जैसे नहीं होते? शास्त्रों में शिवलिंग के कई स्वरूपों का वर्णन मिलता है और प्रत्येक का अपना अलग आध्यात्मिक महत्व और फल माना गया है। यदि आप सावन में घर या मंदिर में शिवलिंग की पूजा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि पारद, स्फटिक, नर्मदेश्वर और पार्थिव शिवलिंग(Shivling) में क्या अंतर है और किस उद्देश्य के लिए कौन-सा शिवलिंग अधिक शुभ माना जाता है।

Sawan 2026

सावन में कौन से शिवलिंग का पूजन करें?

1. नर्मदेश्वर शिवलिंग

नर्मदा नदी से प्राकृतिक रूप से प्राप्त होने वाले शिवलिंग को नर्मदेश्वर शिवलिंग कहा जाता है। इसे स्वयंभू और अत्यंत पवित्र माना गया है क्योंकि यह किसी इंसान द्वारा निर्मित नहीं होता है। जो लोग नियमित शिव पूजा करते हैं और घर में स्थायी शिवलिंग स्थापित करना चाहते हैं, उनके लिए नर्मदेश्वर शिवलिंग सर्वोत्तम विकल्प माना जाता है।

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