Vinayak Chaturthi Katha In Hindi: विनायक चतुर्थी व्रत कथा हिंदी में यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 23, 2023, 09:27 AM IST

Ganesh (Vinayak) Chaturthi Katha In Hindi: विनायक चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। इस व्रत में इस पावन कथा को पढ़ना बिल्कुल भी न भूलें।

Ganesh Chaturthi Katha: विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। पंचांग अनुसार हर महीने में दो चतुर्थी आती है। एक शुक्ल पक्ष चतुर्थी और दूसरी कृष्ण पक्ष चतुर्थी। कृष्ण पक्ष चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी तो शुक्ल पक्ष चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इन दोनों ही चतुर्थी में विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा की जाती है। 23 फरवरी को विनायक चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। व्रत रखने वाले इस दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा।

Vinayak Chaturthi Katha

विनायक या गणेश चतुर्थी की पावन कथा यहां देखेंं

विनायक चतुर्थी व्रत कथा हिंदी में (Vinayak/Ganesh Chaturthi Vrat Katha In Hindi)

किसी समय नर्मदा नदी के तट पर माता पार्वती और भगवान शिव चौपड़ खेल रहे थे। खेल में निर्णायक की भूमिका निभाने के लिए भगवान शिव ने मिट्टी का एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डालकर उसे जीवित कर दिया। भगवान शिव ने उस बालक से कहा कि वह विजेता का फैसला करेगा। माता पार्वती और शिव खेल में व्यस्त हो गए। इस तरह से माता पार्वती और भगवान शिव के बीच में तीन बार चौपड़ का खेल हुआ। जिसमें माता पार्वती की जीत हुई, लेकिन बालक ने भगवान शिव को विजेता घोषित कर दिया। बालक के गलत फैसले पर माता पार्वती क्रोधित हो गईं और उन्होंने बालक को अपाहिज रहने के श्राप दे दिया।

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