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Vat Savitri Vrat kis Tarikh ko hai 2026 LIVE: कल या परसों - वट सावित्री व्रत कब है 2026 का, किस तारीख को होगी पूजा, जानें सामग्री, मुहूर्त आदि की पूरी जानकारी

Vat Savitri Vrat kis Tarikh ko hai 2026, Bad Amavasya, Vat Savitri Vrat kab hai, Puja Samagri, Rituals, Story Puja ki kahani Live Updates:वट सावित्री व्रत 2026 कब है, इसको लेकर महिलाओं के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि वट सावित्री व्रत किस तारीख को रखा जाएगा, तो यहां नोट करें सही तिथि और शुभ मुहूर्त। इस व्रत में विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। जानें वट सावित्री व्रत 2026 की पूजा विधि, पूजा सामग्री और व्रत कथा से जुड़ी खास बातें। साथ ही यहां पढ़ें बरगद पूजा का महत्व और व्रत के दिन किन नियमों का पालन करना चाहिए। देखें बड़ अमावस की डेट। नोट करें कि बरगदी अमावस्या कब पड़ेगी 2026 में। यहां से लें पूरी जानकारी।

Medha ChawlaUpdated May 15, 2026, 17:20 IST
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Vat Savitri Vrat kis Tarikh ko hai 2026 LIVE: कल या परसों - वट सावित्री व्रत कब है 2026 का, किस तारीख को होगी पूजा, जानें सामग्री, मुहूर्त आदि की पूरी जानकारी

Vat Savitri Vrat kis Tarikh ko hai 2026 LIVE: कल या परसों - वट सावित्री व्रत कब है 2026 का, किस तारीख को होगी पूजा, जानें सामग्री, मुहूर्त आदि की पूरी जानकारी

Vat Savitri Vrat kis Tarikh ko hai 2026, Bad Amavasya, Vat Savitri Vrat kab hai, Puja Samagri, Rituals, Story Puja ki kahani Live Updates: वट सावित्री व्रत 2026 को लेकर सुहागिन महिलाओं के बीच अभी से उत्साह देखा जा रहा है। हिंदू धर्म में यह व्रत अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि वट सावित्री व्रत 2026 कब है, अमावस्या तिथि कब शुरू होगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, तो यहां पढ़ें पूरी जानकारी। जानिए वट सावित्री व्रत किस अमावस्या को रखा जाता है और इसका धार्मिक महत्व क्या माना गया है। साथ ही पढ़ें बरगद के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है और इस दिन कौन-कौन से नियमों का पालन जरूरी होता है। यहां आपको मिलेगी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट, व्रत कथा और पूजा विधि से जुड़ी आसान जानकारी। इसके अलावा जानें वट सावित्री व्रत पर क्या खाना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए और किन शुभ मुहूर्त में पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है। यहां से लें डेट, तिथि, सामग्री, समय, समेत वट सावित्री व्रत की पूरी जानकारी।

वट सावित्री व्रत कब रखा जाएगा 2026 में

वट सावित्री व्रत 2026 में 16 मई को रखा जाएगा। इस दिन बड़ अमावस, शनि जयंती भी है।


वट सावित्री व्रत पूजा में क्या क्या सामान लगता है

  • वट (बरगद) वृक्ष की पूजा के लिए जल
  • कच्चा सूत / मौली धागा
  • रोली, हल्दी और कुमकुम
  • अक्षत (चावल)
  • सिंदूर
  • फूल और फूलों की माला
  • धूप, दीप और अगरबत्ती
  • घी और रुई की बाती
  • नारियल
  • पान, सुपारी और लौंग
  • भीगे हुए चने
  • फल और मिठाई
  • पूड़ी-पकवान या घर का प्रसाद
  • लाल या पीला कपड़ा
  • मिट्टी या पीतल का कलश
  • सावित्री-सत्यवान की तस्वीर या मूर्ति
  • वट सावित्री व्रत कथा पुस्तक
  • सोलह श्रृंगार का सामान (चूड़ी, बिंदी, महावर आदि)
  • दक्षिणा और दान की सामग्री
  • कपूर और बताशे


वट सावित्री व्रत की कहानी क्या है

वट सावित्री व्रत की कथा सावित्री और सत्यवान की अटूट प्रेम और समर्पण की कहानी है। राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने सत्यवान को अपना पति चुना, जबकि उसे पता था कि उसकी आयु बहुत कम है। विवाह के बाद एक दिन जंगल में सत्यवान की मृत्यु हो गई। तब यमराज उसके प्राण लेने आए, लेकिन सावित्री अपने पति के पीछे-पीछे चलती रही और अपनी बुद्धिमानी व पतिव्रता धर्म से यमराज को प्रसन्न कर लिया। यमराज ने सावित्री को वरदान दिया और अंत में सत्यवान के प्राण वापस लौटा दिए। तभी से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं।

MAY 15, 2026 17:20 IST

वट सावित्री व्रत पूजन समय

वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 07:12 बजे से 08:24 बजे तक रहेगा।
MAY 15, 2026 15:21 IST

वट वृक्ष की करें इतनी परिक्रमा

वट वृक्ष की करीब 7 परिक्रमा अवश्य करें।
MAY 15, 2026 14:11 IST

वट सावित्री व्रत में क्या खाना चाहिए

वट सावित्री व्रत में सात्विक और फलाहारी भोजन करना चाहिए। इसमें आपको अन्न नहीं खाना चाहिए।
MAY 15, 2026 13:06 IST

वट सावित्री पर जरूर करें ये काम

वट सावित्री व्रत पर कथा पढ़ना या सुनना काफी आवश्यक माना गया है।
MAY 15, 2026 12:43 IST

बरगद पर लपेटे हुए धागे का क्या करें

बरगद पर जो धागा लपटे उसको पूरा अंत तक न ले जाएं। जब कुछ धागा बचा हो तो उसको उसी पेड़ में लगा दें।
MAY 15, 2026 11:46 IST

वट सावित्री व्रत में धागा कितनी बार लपेटें

पूजा के दौरान महिलाएं वट वृक्ष के चारों ओर सूत का धागा लपेटती हैं। अधिकतर जगहों पर 7 या 11 बार परिक्रमा करने की परंपरा है। यह पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है।
MAY 15, 2026 11:41 IST

वट सावित्री व्रत की पूजा कितने बजे करें

वट सावित्री की पूजा सुबह स्नान के बाद शुरू की जाती है। दोपहर के समय वट वृक्ष की पूजा करना शुभ माना जाता है। स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त देखकर पूजा करना बेहतर होता है।
MAY 12, 2026 08:32 IST

वट सावित्री व्रत में कितनी बार धागा बांधा जाता है

अलग-अलग परंपराओं में संख्या अलग हो सकती है, लेकिन आमतौर पर 7 या 11 बार धागा लपेटा जाता है।
MAY 12, 2026 08:25 IST

वट सावित्री व्रत पर क्या दान करें

वट सावित्री व्रत पर फल, अन्न, वस्त्र और ठंडे जल का दान करना शुभ माना गया है।
MAY 12, 2026 08:02 IST

वट सावित्री व्रत पर क्यों होती है बरगद की पूजा

माना जाता है कि बरगद के पेड़ पर त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। इसकी जड़ में ब्रह्मा और तने में विष्णु व शाखाओं पर शंकर वास करते हैं। इसके साथ ही इसको अक्षय वट कहा जाता है, क्योंकि यह कभी भी पूरी तरह से नष्ट नहीं होता है। सावित्री ने अपने पति सत्यवान को बरगद के पेड़ के नीचे ही यमराज से जीवनदान दिलाया था।
MAY 12, 2026 07:45 IST

क्या पति के बिना भी पूजा की जा सकती है

हां, महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से अकेले भी यह पूजा कर सकती हैं।
MAY 12, 2026 07:00 IST

वट सावित्री व्रत में कौन से फल चढ़ाना शुभ माना जाता है

आम, केला, नारियल, खरबूजा और मौसमी फल चढ़ाना शुभ माना जाता है।
MAY 12, 2026 06:15 IST

अगर पीरियड्स हों तो क्या वट सावित्री व्रत कर सकते हैं

यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था और परिवार की परंपराओं पर निर्भर करता है। कई महिलाएं इस दौरान मन से पूजा और व्रत करती हैं।
MAY 12, 2026 05:31 IST

वट सावित्री व्रत में काला कपड़ा पहनना चाहिए या नहीं

इस दिन आमतौर पर लाल, पीला, हरा या सुहाग के रंग पहनना शुभ माना जाता है। काले रंग से परहेज किया जाता है।
MAY 12, 2026 04:50 IST

वट सावित्री व्रत की कथा सुनाओ

वट सावित्री व्रत की कथा सावित्री और सत्यवान की अटूट प्रेम और समर्पण की कहानी है। राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने सत्यवान को अपना पति चुना, जबकि उसे पता था कि उसकी आयु बहुत कम है। विवाह के बाद एक दिन जंगल में सत्यवान की मृत्यु हो गई। तब यमराज उसके प्राण लेने आए, लेकिन सावित्री अपने पति के पीछे-पीछे चलती रही और अपनी बुद्धिमानी व पतिव्रता धर्म से यमराज को प्रसन्न कर लिया। यमराज ने सावित्री को वरदान दिया और अंत में सत्यवान के प्राण वापस लौटा दिए।
MAY 11, 2026 23:58 IST

वट वृक्ष की पूजा का क्या महत्व है

वट यानी बरगद का पेड़ लंबी आयु, स्थिरता और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
MAY 11, 2026 23:01 IST

क्या इस दिन सिंदूर और श्रृंगार करना जरूरी होता है

वट सावित्री व्रत वैवाहिक जीवन से जुड़ा है। इसलिए व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाएं इस दिन पूरा श्रृंगार करती हैं, जिसे शुभ माना जाता है।
MAY 11, 2026 22:01 IST

वट सावित्री पूजा के बाद धागे का क्या किया जाता है

वट सावित्री पूजा के धागे को शुभ मानकर संभालकर रखा जाता है या पेड़ पर ही छोड़ दिया जाता है।
MAY 11, 2026 21:03 IST

वट सावित्री व्रत में चंद्रमा की पूजा होती है क्या

नहीं, इस व्रत में मुख्य रूप से वट वृक्ष और सावित्री-सत्यवान की पूजा की जाती है। वैसे भी यह व्रत उत्तर भारत में अमावस की तिथि पर रखा जाता है। तो इस दिन चंद्र देव की पूजा का कोई विधान नहीं बनता है।
MAY 11, 2026 20:01 IST

क्या पुरुष भी वट सावित्री व्रत रख सकते हैं

वट सावित्री व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा रखा जाता है, लेकिन श्रद्धा से कोई भी पूजा कर सकता है।