Vastu Sutra For Terrace: हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का खास महत्व है। अधिकतर लोग घर के अंदर वास्तु नियम का पूरा ध्यान देते हैं पर घर के बाहर के हिस्से में वास्तु का ध्यान रखना भूल जाते हैं। घर का बाहर और अंदर दोनों ही हिस्से बहुत अहम होते हैं। इन दोनों ही जगह पर वास्तु का पूरा ख्याल रखना चाहिए। ज्योतिषों के मत अनुसार घर की छत का घर में आने वाली सकारात्मकता और सफलता से अटूट नाता होता है। यदि घर की छत वास्तु के अनुकूल हो तो घर में सौभाग्य आता है। इसके साथ ही बुरे दोषों से भी छुटकारा मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार घर की छत कैसी होनी चाहिए।
Vastu Sutra For Terrace (छत का वास्तु शास्त्र)
गंदगी ना हो
घर की छत पर अगर बहुत गंदगी होती है तो इससे वास्तु दोष लगते हैं। वास्तु दोष लगने से परिवार के सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गंदे पौधे ना रखें
छत के ऊपर हमेशा साफ सुथरे पौधे रखें। कभी भी ऐसे पौधे नहीं रखने चाहिए। जिन पर धूल मिट्टी जमा हो रखी हो। ऐसे पौधे रखने से घर में नकारात्मकता आती है।
इस दिशा में हो पानी टंकी
वास्तु के अनुसार घर की छत पर दक्षिण पश्चिम दिशा में पानी की टंकी रखना शुभ होता है। इस दिशा में टंकी रखने से घर में समृद्धि आती है।
इस दिशा में रखें पौधे
वास्तु के हिसाब से घर की छत पर उत्तर पूर्व दिशा में गमले लगाने चाहिए। इस दिशा में आप तुलसी, लीली और चमेली का पौधा लगा सकते हैं। इन पौधों के छत पर लगाना बहुत ही शुभ होता है।
ऐसा हो ढलान
घर की छत का ढलान हमेशा दक्षिण- पश्चिम से उत्तर-पूर्व की तरफ होना चाहिए। ये दिशा वास्तु के हिसाब के ढलान के लिए सबसे उचित दिशा मानी गई है।
