जब भगवान विष्णु को करनी पड़ी अपने भक्त से शादी, जानिए कैसे राक्षस की पत्नी से श्रीहरि विष्णु की पत्नी बनीं वृंदा

Tulsi Mata Vivah ​ Katha: हिंदू धर्म में तुलसी पौधे को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि माता तुलसी का नाम वृंदा था और वे एक राक्षस की पत्नी थीं। वे पतिव्रता थीं, लेकिन उनके साथ छल हुआ और जिसके बाद वे भगवान विष्णु की पत्नी बनीं। आइए जानते हैं कि इसके पीछे की रोचक कथा क्या है और कैसे वृंदा असुर से भगवान विष्णु की पत्नी बन गईं।

Tulsi Mata Vivah Katha: माता तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हैं। इस कारण उनकी पूजा में तुलसी को अर्पित किया जाता है। मान्यता है तुलसी के पत्ते की उपस्थिति की बिना भगवान विष्णु की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है। भगवान विष्णु से तुलसी माता की शादी कार्तिक माह की द्वितीया यानी देवउठनी एकादशी के दूसरी दिन हुई थी। साल 2025 में यह 2 नवंबर को पड़ रही है। आइए जानते हैं कि भगवान विष्णु और माता तुलसी की शादी की कथा क्या है?

भगवान विष्णु और तुलसी माता की शादी (1)

भगवान विष्णु और तुलसी माता की शादी

राक्षस की पत्नी थीं तुलसी माता

माता तुलसी का नाम वृंदा था। पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार उनका विवाह जलंधर नाम के एक बलशाली असुर के साथ हुआ था। माता वृंदा भगवान विष्णु की परम भक्त थी। इसके साथ ही वे पतिव्रता थीं। उनका पति जलंधर ने तीनों लोकों में आतंक फैला रखा था जिससे सभी देवता परेशान थे। माना जाता है कि जलंधर का जन्म भगवान शिव के क्रोध की अग्नि से हुआ था।

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