कृष्ण जन्माष्टमी आरती, आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की...
कृष्ण जन्माष्टमी आरती, आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की...
Krishna Janmashtami 2024 Hindi Wishes Images
कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि (Krishna Janmashtmi Puja Vidhi In Hindi)
Janmashtami Puja Time 2024
जन्माष्टमी की रात 12 बजे क्या करें (Janmashtami Ki Raat 12 Baje Kya Kare)
जन्माष्टमी की मुख्य पूजा रात 12 बजे ही की जाती है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि कृष्ण जी का जन्म रात 12 बजे ही हुआ था। इसलिए इस समय पर लोग नन्द के आनंद भयो भजन गाकर कृष्ण जी के आगमन की खुशियां बनाते हैं। इस समय पर कृष्ण जी का अभिषेक किया जाता है। उन्हें तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है। इसके बाद बाल गोपाल की आरती की जाती है। फिर उन्हें झूला झुलाया जाता है।
भगवान कृष्ण के मंत्र (Sri Krishna Mantra)
कृष्ण जी की आरती (Krishna Ji Ki Aarti)
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक,
कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै ।
बजे मुरचंग,
मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस,
जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद,
चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
Laddu Gopal Ki Aarti: लडडू गोपाल की आरती
अपना जन्म सफल कर लीजे ॥।
श्री यशोदा का परम दुलारा।
बाबा की अखियन का तारा ।।
गोपियन के प्राणों का प्यारा।
इन पर प्राण न्योछावर कीजे ।।
।। आरती ।।
बलदाऊ के छोटो भैय्या ।
कान्हा कहि कहि बोलत मैय्या ।।
परम मुदित मन लेत बलैय्या।
यह छबि नैनन में भरि लीजे।।
।। आरती ।।
श्री राधावर सुघर कन्हैय्या ।
ब्रज जन का नवनीत खवैय्या ।।
देखत ही मन नयन चुरैय्या।
अपना सर्वश्व इनको दीजे ।।
।। आरती ।।
तोतर बोलनि मधुर सुहावे ।
सखन मधुर खेलत सुख पावे ।।
सोई सुकृति जो इनको ध्याये।
अब इनको अपनो करि लीजे ।।
।। आरती ।।
कृष्ण जन्माष्टमी प्रसाद (Krishna Janmashtami Prasad)
माखन मिश्री
तुलसी के पत्ते
मखाना पाग
चरणामृत
मेवा खीर
56 भोग
आज चांद कितने बजे दिखाई देगा (Aaj Chand Kitne Baje Dikhega)
मथुरा जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:21 PM
वृंदावन जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:21 PM
नई दिल्ली जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:20 PM
नोएडा जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:19 PM
लखनऊ जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:10 PM
गुरुग्राम जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:22 PM
चण्डीगढ़ जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:16 PM
मुम्बई जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202412:02 AM, 27 अगस्त
चेन्नई जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:45 PM
जयपुर जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:31 PM
Krishna Ji Ki Mantra
Shri Krishna Govind Hare Murari Lyrics (श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी)
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
हे नाथ नारायण...॥
पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
हे नाथ नारायण...॥
॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी...॥
बंदी गृह के, तुम अवतारी
कही जन्मे, कही पले मुरारी
किसी के जाये, किसी के कहाये
है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
गोकुल में चमके, मथुरा के तारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे
बट गए दोनों में, आधे आधे
हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल
सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
वही गए वही, गए वही गए
जहाँ गए पुकारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
गीता में उपदेश सुनाया
धर्म युद्ध को धर्म बताया
कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा
यह सन्देश तुम्ही से पाया
अमर है गीता के बोल सारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बंधू सखा त्वमेव
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देव देवा
॥ श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी...॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
हरी बोल, हरी बोल,
हरी बोल, हरी बोल ॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
Krishna Janmashtami Mantra: कृष्ण जन्माष्टमी मंत्र
-ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे,
सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधिराम
-हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
-कृं कृष्णाय नमः
-ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात
-ओम क्लीम कृष्णाय नमः
-गोकुल नाथाय नमः
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला (Bhaye Pragat Kripala Deendayala Lyrics)
कौशल्या हितकारी |
हर्षित महतारी, मुनिमन हारी
अद्भुत रूप विचारी |
लोचन अभिरामा तनु घनश्यामा ,
निज आयुध भुजचारी |
भूषन बन माला नयन विशाला,
सोभासिंधु खरारी|
कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी,
केहि विधि करूं अनंता |
माया गुण ग्याना तीत अमाना,
वेद पुराण भनंता |
करुना सुख सागर सब गुण आगर,
जेहिं गावहिं श्रुति संता|
सो मम हित लागी जन अनुरागी,
भयऊ प्रगट श्रीकंता |
व्रम्हांड निकाया निर्मित माया,
रोम रोम प्रति वेद कहै|
मम उर सो बासी यह उपहासी,
सुनत धीर मति थिर न रहै |
उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना,
चरित बहुत विधि कीन्ह चहै |
कहि कथा सुहाई मातु बुझाई,
जेहि प्रकार सूत प्रेम लहै |
माता पुनि बोली सो मति डोली,
तजहु तात यह रूपा |
कीजै शिशुलीला अति प्रियशीला,
यह सुख परम अनूपा |
सुनी बचन सुजाना रोदन ठाना,
होइ बालक सुरभूपा |
यह चरित जे गावहिं हरिपद पावहिं,
ते न परहिं भवकूपा |
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,
कौशल्या हितकारी |
हर्षित महतारी मुनिमन हारी,
अद्भुत रूप विचारी|
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,
कौशल्या हितकारी |
हर्षित महतारी, मुनिमन हारी
अद्भुत रूप विचारी |
जन्माष्टमी व्रत कितने बजे खोलें (Janmashtami Vrat Kitne Baje Khole)
जन्माष्टमी पर चांद कितने बजे निकलेगा 2024
Janmashtami Par Chand Nikalne Ka Time 2024 (कृष्ण जन्माष्टमी के दिन चांद कितने बजे निकलेगा 2024)
- मथुरा जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:21 PM
- वृंदावन जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:21 PM
- नई दिल्ली जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:20 PM
- नोएडा जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:19 PM
- लखनऊ जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:10 PM
- गुरुग्राम जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:22 PM
- चण्डीगढ़ जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:16 PM
- मुम्बई जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202412:02 AM, 27 अगस्त
- चेन्नई जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:45 PM
- जयपुर जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:31 PM
- हैदराबाद जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:43 PM
- पटना जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202410:56 PM
- रायपुर (राजस्थान) जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:40 PM
- रांची जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:50 PM
- भोपाल जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:34 PM
- कानपुर जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:13 PM
- बेंगलुरु जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:56 PM
- अहमदाबाद जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202411:54 PM
- कोलकाता जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 202410:50 PM
- पुणे जन्माष्टमी चंद्रोदय समय 2024
- 12:00 AM, 27 अगस्त
Janmashtami Vrat Parana Vidhi: जन्माष्टमी व्रत पारण विधि
Banke Bihari Ki Aarti (बांके बिहारी की आरती)
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,
प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।
देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
चरणों से निकली गंगा प्यारी,
जिसने सारी दुनिया तारी ।
मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
दास अनाथ के नाथ आप हो,
दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो ।
हरी चरणों में शीश झुकाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
श्री हरीदास के प्यारे तुम हो ।
मेरे मोहन जीवन धन हो।
देख युगल छवि बलि बलि जाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
Laddu Gopal Puja Shubh Muhurat 2024 (लड्डू गोपाल की पूजा करने का शुभ मुहूर्त 2024)
Krishna Bhagwan Ki Aarti
जन्माष्टमी व्रत विधि
फिर बाल गोपाल का श्रृंगार कर उनकी विधि विधान पूजा करें।
इस दिन अपने घर के मंदिर को अच्छे से सजाएं।
मंदिर के पास और घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं।
बाल गोपाल का पालना सजाएं।
इस व्रत में अन्न ग्रहण नहीं किया जाता है। हालांकि फलाहारी भोजन ले सकते हैं।
दूध और दही का सेवन भी कर सकते हैं।
इस व्रत वाले दिन रात 12 बजे कृष्ण जी की पूजा होती है।
इसलिए रात की पूजा से पहले दोबारा से स्नान कर लें।
फिर लड्डू गोपाल का दूध और गंगाजल से अभिषेक करें।
उन्हें नए वस्त्र पहनाएं और फूलों से उनका श्रृंगार करें।
उन्हें मुकुट लगाएँ और बांसुरी दें। साथ ही मोरपंख भी लगाएं।
चंदन और वैजयंती माला से लड्डू गोपाल का सुदंर श्रृंगार करें।
जन्माष्टमी भोग में तुलसीदल, फल, मक्खन, मिश्री, मखाने, मिठाई, मेवे और धनिये की पंजीरी को जरूर शामिल करें।
कृष्ण जी की आरती के बाद प्रसाद सभी में बांट दें।
इसके बाद अपने व्रत का पारण कर लें।
janmasthami pooja timing 2024
Krishna Janmasthami Puja Muhurat 2024
पूजा विधि (Janmashtami 2024 Puja Vidhi)
कान्हा के वैदिक मंत्रों का जाप पूरे दिन मन ही मन करें। आरती से पूजा का समापन करें। अंत में शंखनाद करें। इसके बाद प्रसाद का वितरण करें। अगले दिन प्रसाद से अपने व्रत का पारण करें। पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगे।
भोग मंत्र (Bhog Mantra)
त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये।गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।
Janmashtami Bhog List 2024
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान बाल गोपाल को माखन के साथ मिश्री का भी भोग अवश्य ही लगाएं। मिश्री भगवान कृष्ण को अतिप्रिय है। माखन और मिश्री दोनों का साथ भोग लगाने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और अपने भक्त की सारी इच्छाओं की पूर्ति करते हैं।
पंजीरी
भगवान श्री कृष्ण को पंजीरी का भोग भी जन्माष्टमी के दिन लगाएं। पंजीरी को सिंघाड़े के आटे और धनिया के साथ तैयार किया जाता है। पंजीरी भोग के बिना भगवान कृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है। इस भोग लगाने से कृष्ण की कृपा बनी रहती है।
श्रीखंड
भगवान कृष्ण को जन्माष्टमी के दिन श्रीखंड का भोग लगाना चाहिए। श्रीखंड का भोग लगाना चाहिए शुभ होता है। गुजरात में द्वारकाधीश को इस चीज का भोग खासतौर पर लगाया जाता है। श्रीखंड का भोग लगाने से साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है।
मालपुए का भोग
जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को मालपुए का भोग लगाना बहुत शुभ होता है। मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को मालपुए का भोग लगाने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस भोग से कृष्ण प्रसन्न होते हैं।
