Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti: सत्यनारायण भगवान की आरती, जय लक्ष्मी रमणा स्वामी जय लक्ष्मी रमणा

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jan 6, 2023, 12:48 PM IST

Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi, Satyanarayan Bhagwan Vrat Katha Aarti Lyrics in Hindi: श्री सत्यनारायणजी की आरती...जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा, सत्यनारायण स्वामी, जन-पातक-हरणा, जय लक्ष्मी रमणा।

Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi, Satyanarayan Bhagwan Vrat Katha Aarti Lyrics in Hindi: श्री सत्यनारायण भगवान विष्णु के ही सत्य स्वरूप हैं। अगर आप भी सत्यनारायण की पूजा कर रहे हैं तो इनकी आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। धार्मिक मान्यताओं अनुसार जो व्यक्ति सच्चे मन से सत्यनारायण भगवान की आरती करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti

Shri Satyanarayan Aarti: सत्यनारायण भगवान की आरती

श्री सत्यनारायण जी की आरती (Shri Satyanarayana Aarti)

जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

सत्यनारायण स्वामी,

जन पातक हरणा ॥

ॐ जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

रतन जड़ित सिंहासन,

अदभुत छवि राजे ।

नारद करत नीराजन,

घंटा वन बाजे ॥

ॐ जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

प्रकट भए कलिकारण,

द्विज को दरस दियो ।

बूढ़ो ब्राह्मण बनकर,

कंचन महल कियो ॥

ॐ जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

दुर्बल भील कठोरो,

जिन पर कृपा करी ।

चंद्रचूड़ एक राजा,

तिनकी विपत्ति हरि ॥

ॐ जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

वैश्य मनोरथ पायो,

श्रद्धा तज दीन्ही ।

सो फल भाग्यो प्रभुजी,

फिर स्तुति किन्ही ॥

ॐ जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

भव भक्ति के कारण,

छिन-छिन रूप धरयो ।

श्रद्धा धारण किन्ही,

तिनको काज सरो ॥

ॐ जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

ग्वाल-बाल संग राजा,

बन में भक्ति करी ।

मनवांछित फल दीन्हो,

दीन दयालु हरि ॥

ॐ जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

चढत प्रसाद सवायो,

कदली फल मेवा ।

धूप-दीप-तुलसी से,

राजी सत्यदेवा ॥

ॐ जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

सत्यनारायणजी की आरती,

जो कोई नर गावे ।

ऋद्धि-सिद्ध सुख-संपत्ति,

सहज रूप पावे ॥

जय लक्ष्मी रमणा,

स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।

सत्यनारायण स्वामी,

जन पातक हरणा ॥

End of Feed