Shiv Chalisa In Hindi Lyrics: शिव चालीसा आरती, इसे पढ़ने मात्र से हर दुख हो जाता है दूर

  • Edited by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 18, 2023, 06:56 PM IST

Shiv Chalisa In Hindi: महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) और प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) पर भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका है शिव चालीसा। इसके पाठ से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

Shiv Chalisa In Hindi: भगवान शिव पर आधारित 40 छन्दों में बनी ये लोकप्रिय प्रार्थना है। कई लोग इसे प्रतिदिन पढ़ते हैं तो कई महाशिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि या फिर प्रदोष व्रत यानी भगवान शिव को समर्पित मुख्य त्योहारों पर पढ़ते हैं। मान्यताओं अनुसार शिव चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के सारे दुख दूर हो जाते हैं। जानिए शिव चालीसा।

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महाशिवरात्रि पर शिव चालीसा पढ़ने से मिलेंगे ढेरों लाभ

शनि चालीसा (Shiv Chalisa)

॥ दोहा ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन,

मंगल मूल सुजान ।

कहत अयोध्यादास तुम,

देहु अभय वरदान ॥

॥ चौपाई ॥

जय गिरिजा पति दीन दयाला ।

सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥

भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।

कानन कुण्डल नागफनी के ॥

अंग गौर शिर गंग बहाये ।

मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।

छवि को देखि नाग मन मोहे ॥ 4

मैना मातु की हवे दुलारी ।

बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।

करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।

सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥

कार्तिक श्याम और गणराऊ ।

या छवि को कहि जात न काऊ ॥ 8

देवन जबहीं जाय पुकारा ।

तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥

किया उपद्रव तारक भारी ।

देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥

तुरत षडानन आप पठायउ ।

लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥

आप जलंधर असुर संहारा ।

सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥ 12

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई ।

सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥

किया तपहिं भागीरथ भारी ।

पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥

दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं ।

सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥

वेद नाम महिमा तव गाई।

अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥ 16

प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला ।

जरत सुरासुर भए विहाला ॥

कीन्ही दया तहं करी सहाई ।

नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥

पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा ।

जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥

सहस कमल में हो रहे धारी ।

कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥ 20

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