Basoda 2026: शीतला माता को क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग, जानें क्या है बसोड़ा की मान्यता

Sheetala Mata Ko Basi Bhog Kyu Chadhta Hai: देशभर में महिलाएं शीतला अष्टमी की तैयारी कर रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शीतला अष्टमी के दिन शीतला माता को बासी खाने का भोग लगता है। इसके पीछे क्या कारण है, ये आप यहां से जानेंगे।

Sheetala Mata Ko Basi Bhog Kyu Chadhta Hai: होली के आठ दिन बाद देशभर में शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। शीतलाा सप्तमी के दिन माता शीतला के लिए भोजन बनाया जाता है और फिर शीतला अष्टमी के दिन शीतला माता को वही भोजन का भोग लगाया जाता है। लेकिन अब सवाल ये है कि आखिर शीतला माता कौन हैं और उन्हें बासी भोजन का भोग क्यों लगाया जाता है। यहां से आप इसके बारे में विस्तार में जान सकते हैं।

शीतला माता को बासी खाने का भोग क्यों लगाया जाता है? (pc: pinterest)

कौन हैं शीतला माता?

शीतला माता को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। शीतला का अर्थ है ठंडी या शांत करने वाली, जो बुखार और जलन जैसे रोगों से राहत देती हैं। शीतला माता अक्सर गधे पर सवार दिखाई जाती हैं। उनके हाथ में झाड़ू, कलश, सूप और नीम की पत्तियाँ होती हैं। ये सभी रोग निवारण के प्रतीक हैं। उनका शरीर लाल चकत्तों से युक्त दर्शाया जाता है, जो यह बताता है कि वे बीमारी लाने और हटाने दोनों में सक्षम हैं।

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