शरद पूर्णिमा के श्लोक, देखें शरद पूर्णिमा श्लोक संस्कृत में लिखित; शरद पूर्णिमा के श्लोक कौन से हैं?

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  • Updated Oct 6, 2025, 03:19 PM IST

Sharad Purnima Shlok In Sanskrit And Hindi: शरद पूर्णिमा का पर्व 6 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन कुछ श्लोकों का जाप करने से जीवन की सभी समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। इस दिन चंद्रदेव, भगवान श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी से संबंधित श्लोकों का अगर हम जाप करते हैं तो उनकी कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि वे कौन से श्लोक हैं, जो शरद पूर्णिमा पर हमको जपने चाहिए।

Sharad Purnima Shlok In Sanskrit And Hindi: शरद पूर्णिमा को रास पूर्णिमा और कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में होता है और उसकी किरणें अमृत के समान मानी जाती हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और चंद्रमा की पूजा की जाती है और रात में खीर बनाकर चांदनी में रखने की परंपरा है। शरद पूर्णिमा के श्लोक भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।

शरद पूर्णिमा के श्लोक  (Pic Credit-Canva)

शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में अमृत की वर्षा होती है, जो स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख प्रदान करती है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला से भी जुड़ा है, इस दिन उन्होंने गोपियों के साथ रास रचाया था। इस दिन माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने से धन-धान्य और सुख-शांति मिलती है। इसके साथ ही कुछ श्लोकों का पाठ से सभी प्रकार की समस्याओं का अंत हो जाता है। आइए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा के दिन किन श्लोकों का पाठ करना चाहिए।

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