Sharad Purnima 2024 Puja Vidhi, Samagri List And Puja Muhurat: शरद पूर्णिमा 16 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसे कोजागर पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। कहते हैं जो भक्त सच्चे मन से इस पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी की पूजा करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इसके अलावा इस दिन भगवान कृष्ण, भोलेनाथ और कार्तिकेय जी की भी पूजा होती है। चलिए आपको बताते हैं शरद पूर्णिमा की पूजा विधि और सामग्री लिस्ट विस्तार से यहां।
Sharad Purnima 2024 Puja Vidhi
शरद पूर्णिमा 2024 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (Sharad Purnima 2024 Laxmi Puja Muhurat)
शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 42 मिनट से दर रात 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में मां लक्ष्मी की पूजा बेहद शुभ फलदायी साबित होगी।
शरद पूर्णिमा पूजा सामग्री लिस्ट (Sharad Purnima Puja Samagri List In Hindi)
- लक्ष्मी जी की मूर्ति
- चंदन
- अक्षत
- दीपक
- धूप
- नैवेद्य
- कलश
- रोली
- फूल
- कलश में रखने के लिए पांच तरह के अनाज
- दही, शहद
- गंगाजल
- सिक्के, मौली
- आम का पत्ता, नारियल
शरद पूर्णिमा लक्ष्मी पूजा विधि (Sharad Purnima Laxmi Puja Vidhi)
- शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी पूजा का खास महत्व माना जाता है। कहते हैं इस पूजा से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिल जाता है।
- शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे पहले पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
- फिर एक कलश लें और उसमें पांच तरह के अनाज, थोड़ा गंगाजल, सिक्के, मौली, दही, शहद, आम का पत्ता और नारियल रखें। कलश को जल से भरें और उस पर आम के पत्ते का झंडा लगाएं।
- फिर एक लाल वस्त्र पर माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें।
- माता के सामने घी का दीपक जलाएं।
- इसके बाद माता को फूल, अक्षत, रोली, चंदन आदि अर्पित करें।
- फिर माता को खीर, फल और मिठाई का भोग लगाएं। साथ ही मन ही मन माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करते रहें।
- अंत में माता की आरती करें।
- इसके बाद रात में चंद्रमा को अर्घ्य दें। फिर खीर को पूरी रात चांद की रोशनी के नीचे रहने दें।
- अगले दिन खीर को प्रसाद रूप में ग्रहण करें।
शरद पूर्णिमा के उपाय (Sharad Purnima Ke Upay)
आर्थिक तंगी से छुटकारा पाना चाहते हैं तो शरद पूर्णिमा की रात में माता लक्ष्मी की पूजा जरूर करें। माता को मिठाई और सुगन्धित चीज़ें अर्पित करें। फिर “ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मये नमः”, इस मंत्र का कम से कम 11 बार माला से जाप करें।
