Sharad Purnima 2022 Date: जानें शरद पूर्णिमा में रात भर खुले आसमान के नीचे क्यों रखी जाती है खीर

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  • Updated Oct 8, 2022, 09:33 AM IST

Sharad Purnima 2022 Date: उत्तर और मध्य भारत में शरद पूर्णिमा के दिन दूध की खीर बनाकर रात भर के लिए चंद्रमा की रोशनी में रखी जाती है।

KEY HIGHLIGHTS
  • शरद पूर्णिमा को कोजागर व्रत माना गया है, साथ ही इसको कौमुदी व्रत भी कहते हैं। इस बार शरद पूर्णिमा 9 अक्टूबर को पड़ रही है।
  • शरद पूर्णिमा की रात्रि को दूध की खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखी जाती है।
  • मान्यता है कि चंद्रमा की किरणें खीर में पड़ने से ये खीर कई गुना गुणकारी और लाभकारी हो जाती है।

Sharad Purnima 2022 Date, Puja Vidhi, Significance: आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा बेहद ही खास मानी जाती है। ये पूर्णिमा अमृत बरसाने वाली मानी जाती है। इस दिन चंद्रमा की कलाएं पूर्ण होती हैं। इस पूर्णिमा पर दान पुण्य करने और पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व बताया जाता है। इस साल शरद पूर्णिमा 9 अक्टूबर दिन रविवार को पड़ रही है। उत्तर और मध्य भारत में शरद पूर्णिमा के दिन रात भर दूध की खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखी जाती है। जानिए ऐसा करने के पीछे क्या है कारण।

sharad purnima

शरद पूर्णिमा इस बार 9 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

शरद पूर्णिमा के दिन चांद की रोशनी के नीचे क्यों रखी जाती है खीर?

शरद पूर्णिमा पर रातभर खुले आसमान के नीचे खीर रखे जाने की परंपरा है। ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि चांद की रोशनी में शरद पूर्णिमा पर खीर रखने से खीर के अंदर औषधीय गुण आ जाते हैं। फिर अगले दिन सुबह के समय इस खीर का सेवन करने से अच्छी सेहत प्राप्त होती है। धार्मिक मान्याओं अनुसार चन्द्रमा को मन और औषधि का देवता माना जाता है। शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत बरसाता है। जिससे खुले आसमान के नीचे इस दिन खीर रखने से चन्द्रमा की किरणें उस खीर पर पड़ती है तो ये खीर अमृत तुल्य हो जाती है जिसको प्रसाद रूप ग्रहण करने से व्यक्ति वर्ष भर निरोग रहता है।

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