Shakun Shastra, Ant Sign At home: चींटियां सभी घरों में कभी न कभी खुद से ही आने लगती है। आमतौर पर लाल और काली इन्हीं दो रंगों की चींटियों को देखा जाता है। इनमें से किसी को शकुन शास्त्र में शुभ तो किसी को अशुभ बताया गया है। चींटियों का अचानक घर पर आना आपको अकारण लग सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं घर पर लाल या काली चींटी का आना भविष्य में होने वाली शुभ-अशुभ घटनाओं से जुड़ा होता है। इससे आपको नुकसान और लाभ दोनों हो सकते हैं। जानते हैं शकुन शास्त्र के अनुसार लाल और काली चींटी से जुड़े शुभ-अशुभ के संकेतों के बारे में।
लाल या काली घर पर किस रंग की चीटियां निकलना है शुभ
काली चींटी से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत
शकुन शास्त्र में काली चींटियों को घर-परिवार के लिए बहुत शुभ बताया गया है। काली चींटियां यदि आपके घर पर अचानक आ रही हैं, तो इसे सुख-समृद्धि का संकेत माना गया है। इससे आपको भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी और घर पर चल रही परेशानियों का जल्द अंत होगा। यदि काली चींटियां उत्तर दिशा से निकल रही हो तो इसे और भी शुभ माना गया है। इसके अलावा यदि चींटियां नीचे से ऊपर की तरफ जाए तो इसे उन्नति का संकेत माना गया है।
काली चींटी से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत
शकुन शास्त्र में लाल रंग की चींटियों को घर के लिए बहुत ही अशुभ माना गया है। इतना ही नहीं यदि बहुत अधिक संख्या में लाल रंग की चींटियां घर पर आ रही है तो समझिए आप पर कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। साथ ही यह इस बात का भी अशुभ संकेत है कि, भविष्य में घर-परिवार पर कोई संकट आने वाला है। लाल चींटियां यदि पूर्व दिशा से निकले तो इसे बहुत अशुभ माना जाता है। लेकिन लाल रंग की चीटिंया पश्चिम दिशा से निकले तो इसका मतलब यह होता है कि आप शीघ्र ही किसी यात्रा पर जा सकते हैं।
शास्त्रों में चींटियों की हत्या को बताया गया है पाप
काली या लाल किसी भी रंग की चींटियों को मारना नहीं चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, चींटियों की हत्या से पाप लगता है और आप दोष के भागी बनते हैं। अगर घर पर काली चींटियां आए तो आप इन्हें भोजन के रूप में शक्कर या आटा आदि खिलाएं। वहीं अगर आपको लाल चीटिंयों को घर से बाहर निकालना है तो आप घेरलू उपायोग से इन्हें बाहर करें। जैसे कि जिस स्थान से चींटियां निकल रही हो, वहां नींबू का टुकड़ा रख दें और फिर तेजपत्ता, काली मिर्च या लौंग आदि भी रख सकते हैं।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
