Shab-e-Qadr ki Namaz Padhne ka Tarika : शब-ए-कद्र पर कैसे पढ़ें नमाज, जानिए क्या है लैलतुल कद्र पर नमाज पढ़ने का सही तरीका

Shab-e-Qadr ki Namaz Padhne ka Tarika, (शब ए क़द्र की नमाज़ कैसे पढ़ें) : साल 2026 में 19 फरवरी से शुरू हुआ रमजान के पाक महीने का आखिरी अशरा चल रहा है। आज 16 मार्च को शब-ए-कद्र है। इसे ‘नाइट ऑफ पावर’ के नाम से भी जानते हैं। इस रात को की गई इबादत हजार महीनों की इबादत से भी बढ़कर मानी जाती है। इस कारण शब-ए-कद्र पर नमाज अदा करना काफी आवश्यक माना जाता है। आइए जानते हैं कि शब-ए-कद्र की नमाज पढ़ने का क्या तरीका है?

Shab-e-Qadr ki Namaz Padhne ka Tarika, (शब ए क़द्र की नमाज़ कैसे पढ़ें) : रमजान का पाक महीना अब अपने आखिरी अशरे में पहुंच चुका है। इस आखिरी अशरे की रातों को इस्लाम में बहुत खास माना जाता है, क्योंकि इन्हीं में वह मुबारक रात आती है जिसे शब-ए-कद्र कहा जाता है। पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हदीस में कहा कि शब-ए-कद्र को आखिरी 10 दिनों की विषम रातों (21, 23, 25, 27, 29) में तलाश की जाए।

शब-ए-कद्र पर नमाज कैसे अदा करें

शब-ए-कद्र पर नमाज कैसे अदा करें?

इस रात को लैलतुल कद्र या नाइट ऑफ पावर भी कहा जाता है। इस्लामी मान्यता के अनुसार इस रात की इबादत हजार महीनों की इबादत से भी बेहतर मानी जाती है। माना जाता है कि इसी मुकद्दस रात में अल्लाह तआला ने अपने आखिरी पैगंबर हजरत मुहम्मद मुस्तुफा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर कुरआन शरीफ की पहली वह्य नाजिल की थी। इसलिए मुसलमान इस रात को नमाज, कुरान की तिलावत और इबादत में बिताने की कोशिश करते हैं।

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