Sawan 2026: आज 30 जुलाई 2026 से उत्तर भारत में सावन का महीना शुरू हो गया है। आज श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और गुरुवार है। यानी सावन के पहले दिन भगवान शिव के साथ श्रीहरि विष्णु की पूजा का भी सुंदर संयोग बना है।
सावन का पहला दिन आज, जानें 30 जुलाई को पूजा का पूरा शेड्यूल
सावन का पहला दिन है तो मन में सवाल आ सकता है कि सुबह उठकर सबसे पहले क्या करें, शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और शाम की आरती किस समय करें? इसके लिए बहुत कठिन नियमों में उलझने की जरूरत नहीं है। सुबह से रात तक की पूरी पूजा चेकलिस्ट पहले एक नजर में देख लीजिए।
सावन के पहले दिन की पूजा चेकलिस्ट
| समय | क्या करना है |
|---|---|
| सुबह आंख खुलते ही | तीन बार ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलें |
| स्नान के बाद | पूजा स्थान साफ करें और दीपक जलाएं |
| सुबह की पूजा | शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं |
| पूजा के बाद | कम से कम 11 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें |
| दिन के समय | सात्विक भोजन करें और वाणी पर संयम रखें |
| शाम 7:14 से रात 9:14 बजे | प्रदोष काल में दीपक, मंत्र जाप और शिव आरती करें |
| आरती के बाद | प्रसाद चढ़ाकर पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा मांगें |
सुबह आंख खुलते ही तीन बार ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलें। इसके बाद मन में छोटा-सा संकल्प लें कि इस सावन आप रोज शिवजी का नाम लेंगे, गुस्सा कम करेंगे या किसी जरूरतमंद की मदद करेंगे।
संकल्प ऐसा होना चाहिए, जिसे पूरे महीने निभाया जा सके। बहुत सारे कठिन नियम लेकर उन्हें बीच में छोड़ने से अच्छा है कि एक छोटा नियम ईमानदारी से निभाया जाए।
स्नान के बाद तैयार करें पूजा की थाली
स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा का स्थान साफ कर लें। शिवलिंग को किसी थाली या ऐसे पात्र में रखें, जिसमें अभिषेक का जल इकट्ठा हो सके। पूजा की थाली में स्वच्छ जल, थोड़ा दूध, बेलपत्र, फूल, चंदन, अक्षत, धूप, दीपक और फल रख सकते हैं। इनमें से हर चीज का होना जरूरी नहीं है। बेलपत्र या फूल न मिले तो केवल एक लोटा जल चढ़ाकर भी पूजा की जा सकती है।
शिवलिंग का अभिषेक कैसे करें
सबसे पहले भगवान गणेश, माता पार्वती और भगवान शिव का ध्यान करें। इसके बाद शिवलिंग पर धीरे-धीरे स्वच्छ जल चढ़ाएं। दूध से अभिषेक करना चाहें तो बहुत थोड़ी मात्रा इस्तेमाल करें। दूध चढ़ाने के बाद शिवलिंग पर दोबारा साफ जल जरूर अर्पित करें।
अब चंदन, अक्षत, फूल और बेलपत्र चढ़ाएं। अभिषेक करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलते रहें। संस्कृत के मंत्र न आते हों तो अपनी भाषा में महादेव से प्रार्थना कर सकते हैं। पूजा के लिए कठिन मंत्र जानना जरूरी नहीं है।
क्या सावन के पहले दिन व्रत जरूरी है
सावन के पहले दिन व्रत रखना जरूरी नहीं है। साल 2026 का पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। फिर भी कोई व्यक्ति अपनी श्रद्धा से आज फलाहार या सात्विक भोजन करना चाहे तो कर सकता है।
बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज के मरीज और नियमित दवा लेने वाले लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के भूखे न रहें। सामान्य भोजन करते हुए पूजा और मंत्र जाप करना भी पर्याप्त है।
ऑफिस जाना हो तो ऐसे करें छोटी पूजा
सुबह समय कम है तो पांच मिनट की पूजा कर लें। दीपक जलाएं, शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाएं और 11 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलें। घर में शिवलिंग न हो तो शिवजी की तस्वीर के सामने जल का लोटा रखकर प्रार्थना कर सकते हैं।
पूजा के बाद जल को किसी पौधे में डाल दें। दिनभर कोशिश करें कि किसी से कठोर शब्द न बोलें। किसी जरूरतमंद को भोजन देना, पशु-पक्षियों के लिए पानी रखना और किसी परेशान व्यक्ति की मदद करना भी शिव भक्ति का हिस्सा है।
शाम के प्रदोष काल में करें शिव पूजा
आज 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में सूर्यास्त शाम 7 बजकर 14 मिनट पर होगा। इसलिए दैनिक पूजा के संदर्भ में प्रदोष काल शाम 7:14 बजे से रात 9:14 बजे तक माना जा सकता है। शहर बदलने पर सूर्यास्त और प्रदोष काल में थोड़ा अंतर हो सकता है।
शाम को हाथ-मुंह धोकर पूजा स्थान पर दीपक जलाएं। सुबह अभिषेक कर चुके हैं तो दोबारा लंबी पूजा करने की जरूरत नहीं है। इस दौरान शिव चालीसा पढ़ें, महामृत्युंजय मंत्र बोलें या कुछ देर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
शिव आरती के साथ पूरा करें दिन
प्रदोष काल में परिवार के साथ ‘ॐ जय शिव ओंकारा’ आरती करें। इसके बाद भगवान शिव को फल, मिश्री, मखाने या घर में बना सात्विक प्रसाद चढ़ाएं। पूजा के अंत में यह प्रार्थना कर सकते हैं - महादेव, इस सावन मेरे मन को शांत रखें और मुझे अपने व्यवहार को बेहतर बनाने की शक्ति दें।
