Saraswati Chalisa: सरस्वती चालीसा लिखित में, बसंत पंचमी के दिन जरूर करें पाठ

Saraswati Chalisa (सरस्वती चालीसा लिखित में): आज बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। ये पूजा बिना चालीसा पाठ के अधूरी मानी जाती है। अगर आपको भी सरस्वती जी की पूजा करनी है तो आप यहां से सरस्वती चालीसा के लिरिक्स देख सकते हैं।

Saraswati Chalisa (सरस्वती चालीसा लिखित में): मां सरस्वती विद्या और ज्ञान की देवी हैं। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर यानी बसंत पंचमी के दिन माता की पूजा का विधान है। इस दिन आप मां सरस्वती की पूजा करें तो सरस्वती चालीसा का पाठ जरूर करें। साथ ही आपको कथा, आरती भी करनी है। यहां से आप सरस्वती चालीसा के पूरे लिरिक्स देखें और इसे पढ़कर मां का आशीर्वाद पाएं।

सरस्वती चालीसा (pc: pinterest)

सरस्वती चालीसा संस्कृत में, हिंदी में-

॥ दोहा ॥

जनक जननि पद कमल रज,निज मस्तक पर धारि।

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